मशहूर वकील रामजेठमलानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दुखी हैं और इस दुख को सार्वजनिक करने का वे कोई मौका नहीं चूकते. बात ठीक भी है कि दुख को दिल के अंदर नहीं रखना चाहिए वरना वह डिप्रैशन में तबदील हो जाता है. जेठमलानी का दुख व्यापक है. वे नोटबंदी से भी खफा हैं और कौलेजियम सिस्टम में सरकार यानी नरेंद्र मोदी के दखल को ठीक नहीं मानते.

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