सरकार ने प्लास्टिक करेंसी नोटों की छपाई का फैसला लिया है और इसके लिए जरूरी मटीरियल जुटाने का काम तेजी से चल रहा है. वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा को बताया, 'प्लास्टिक या पॉलिस्टर की परत वाले बैंक नोटों की छपाई का फैसला लिया गया है. मटीरियल की खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.'

रिजर्व बैंक फील्ड ट्रायल के बाद लंबे समय से प्लास्टिक करेंसी नोट लाने पर विचार कर रहा है. फरवरी 2014 में सरकार ने संसद को बताया था कि फील्ड ट्रायल के तौर पर भौगोलिक और जलवायु विभिन्नताओं के आधार पर चयनित पांच शहरों(कोची, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर) में 10-10 रुपये के एक अरब प्लास्टिक नोट बाजार में लाए जायेंगे.

सबसे पहले ऑस्ट्रेया ने नोटों को नकल से सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक नोट शुरू किया था. प्लास्टिक नोट औसतन 5 सालों तक सुरक्षित रहते हैं और इसका नकल करना भी कठिन होता है. इसके अलावा, ये कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा साफ-सुथरे दिखते हैं.

देश में 2000 और 500 के नए नोट लाने के बाद यह एक बड़ा कदम है. गौर करने वाली बात होगी कि इससे अर्थव्यवस्था में कितना असर पड़ेगा.

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