जून में महंगाई की दर बढ़ने और रुपए के लगातार कमजोर बने रहने के बावजूद शेयर बाजार में चमक रही और सूचकांक एक बार फिर 20 हजार अंक के पार जा पहुंचा. बौंबे शेयर बाजार के सूचकांक के इस ऊंचाई पर पहुंचने से निवेशकों में उत्साह का माहौल है. रिजर्व बैंक ने लघु बचत योजनाओं पर ब्याजदर बढ़ाई तो इस का बाजार पर विपरीत असर जरूर हुआ लेकिन प्रधानमंत्री के विकास दर के बारे में दिए गए बयान और वित्त मंत्री पी चिदंबरम की विदेश यात्रा में भारत के आर्थिक परिदृश्य को मजबूती से पेश करने की वजह से बाजार में रौनक रही. इस की दूसरी वजह कंपनियों के तिमाही परिणामों का सकारात्मक रहना भी रहा.

जुलाई 19 को समाप्त सप्ताह में सूचकांक लगातार आखिरी 3 दिनों में तेजी पर बंद हुआ. पहले दिन तो सूचकांक ने 20 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार किया. सप्ताह के आखिरी दिन टीसीएल, रिलायंस अन्य महत्त्वपूर्ण कंपनियों के अच्छे तिमाही परिणाम की बदौलत सूचकांक 6 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. नैशनल स्टौक एक्सचेंज यानी निफ्टी भी 6 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से आगे निकल गया. जानकारों का कहना है कि बाजार के लिए माहौल उत्साह भरा है. सरकार के आर्थिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों का बाजार पर अच्छा असर है और आने वाले दिनों में भी बाजार की यही गति रहेगी. हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और रुपए में सुधार नहीं होने का प्रतिकूल असर बाजार पर देखने को मिलेगा लेकिन यह बहुत निराशाजनक नहीं होगा.

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