Romantic Movie: वैलेंटाइन के मौके पर रिलीज यह फिल्म कपल्स के लिए उपयुक्त है. यह फिल्म तेलुगू भाषा की रोमांटिक फिल्म है जिसे हिंदी में भी बनाया गया है. फ्रैंडली कपल वह होता है जो एकदूसरे को खुश रखे, चाहे वह शादीशुदा हो या कुंआरा या फिर प्रेमीप्रेमिका ही क्यों न हो. अगर एकदूसरे को खुश रखते हैं तो उन का आपसी रिश्ता मजबूत होता है और जीवन में खुशहाली व शांति आती है. एक फ्रैंडली कपल बनने के लिए एकदूसरे की तारीफ करें, एकदूसरे पर विश्वास करें, सम्मान करें और मतभेदों को भुला कर हंसे, खिलखिलाएं. इन आदतों को अपना कर आप अपने रिश्ते को सालोंसाल तक खुशहाल रख एकदूसरे के फ्रैंड बने रह सकते हैं, ऐसा मानना है इस फिल्म के निर्देशक चंद्रशेखर का, जो तेलुगू फिल्म के जानेमाने निर्देशक हैं.
‘कपल फ्रैंडली’ आधुनिक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है. आधुनिक रिश्तों, संघर्षों और युवाओं के प्यार को संवेदनशीलता से दिखाते हुए यह फिल्म एक हलकीफुलकी प्रेम कहानी से शुरू होती है और बाद में भावनात्मक मोड़ ले लेती है. फिल्म रिलीज होते ही इस ने दर्शकों को दिल जीत लिया. अब इसे तमिल और कन्नड़ भाषाओं में भी रिलीज किया गया है.
‘कपल्स फ्रैंडली’ में चेन्नई में नाइक टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करने वाले एक संघर्षरत इंटीरियर डिजाइनर शिवा (संतोष सोमान) और एक महत्त्वाकांक्षी आई टी पेशेवर मित्रा (मानसा वाराणसी) की कहानी दिखाई गई है. शहर की कठिन जिंदगी में जब वे एकसाथ रहने लगते हैं तो उन का रिश्ता पहले फ्रैंडली, फिर प्यार में बदल जाता है. दोनों साथ रहने लगते हैं.
शिवा को अपने डिजाइन के काम में सफलता मिलने लगती है, वहीं मित्रा को अपने कैरियर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. एक बड़ा मोड़ उन के जीवन में उथलपुथल मचा देता है जिस से उन की गहन भावनात्मक सहनशक्ति की परीक्षा होती है. आखिरकार, फिल्म इस बात पर प्रकाश डालते हुए खत्म होती है कि वे कैसे परिपक्व होते हैं, सामाजिक मानदंडों का सामना करते हैं और प्रेम के लिए अपना रास्ता चुनते हैं जिस से यह फ्रैंडली कपल की कहानी बन जाती है. क्लाइमैक्स में उन्हें एहसास होता है कि एक फ्रैंडली कपल का जीवन केवल साथ रहने के बारे में नहीं बल्कि आपसी सम्मान और भावनात्मक विकास के बारे में भी हैं. आखिरकार, वे एकदूसरे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बीच संतुलन बनाते हैं.
यह एक हलकीफुलकी प्रेम कहानी पर बनी फिल्म है. फिल्म को मुख्य रूप से युवाओं को ध्यान में रख कर बनाया गया है. कहानी प्यार और रिश्तों की पेचीदगियों को दिखाती है. प्रीति, जो मित्र की दोस्त है, को एक बहुत बड़े उम्र के व्यक्ति से प्यार करते दिखाया गया है.
सिनेमेटोग्राफर दिनेश पुरुषोत्तम ने बारिश से भीगी, कीचड़भरी गलियों और व्यस्त सड़कों व लोकप्रिय स्थलों के माध्यम से शहर को कैमरे में कैद किया है. अदित्य रविद्रन का संगीत मनमोहक है. संवाद बढ़िया हैं. शिवा को एक बचकाने युवक से एक जिम्मेदार व्यक्ति में परिवर्तित होते देखना अच्छा लगता है. दोनों कलाकारों की कैमिस्ट्री गजब की है. कपल फ्रैंडली की कहानी भले ही अनोखी न हो पर यह परिपक्व और आधुनिक है. फिल्म का निर्देशन अच्छा है. Romantic Movie





