बतौर निर्माता जौन अब्राहम की पहली फिल्म ‘विकी डोनर’ की ब्लौकबस्टर सफलता ने सब को चौंका दिया था. इस फिल्म की सफलता से उत्साहित हो कर जौन ने फिल्म ‘मद्रास कैफे’ बनाई लेकिन इस बार उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

गौरतलब है कि फिल्म को कुछ तमिल संगठनों ने बैन करने की मांग उठाई है. संगठनों के मुताबिक, यह फिल्म लिट्टे यानी लिबरेशन टाइगर्स औफ तमिल ईलम की गलत तसवीर पेश करती है, लिहाजा इस को प्रदर्शित न किया जाए. हालांकि जौन कह रहे हैं कि उन की फिल्म से किसी को ठेस नहीं पहुंचेगी.

 

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD10
सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD79
सब्सक्राइब करें
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...