पर्यावरण  और प्रदूषण जैसे अहम व अति ज्वलंत मुद्दे पर बनी मूक रोमांचक फिल्म ‘‘मरक्यूरी’’ की प्रस्तुतिकरण की खामियों के चलते एक बेहतरीन विषय वाली अच्छी फिल्म आम दर्शकों तक नहीं पहुंच सकती. यह पूरी तरह से पटकथा लेखक व निर्देशक की विफलता ही कही जाएगी कि वह वर्तमान समय के ज्वलंत मुद्दे पर बनी अपनी फिल्म को आम दर्शकों तक पहुंचाकर जागरुकता नहीं ला पाए. और न ही जहर उगलती रासायनिक व धातु की फैक्टरियों के खिलाफ लोगो में रोष ही पैदा हो पाता है.

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