'सत्या',' रंगीला',' आग',' कंपनी' ,'सरकार', 'निशब्द',' भूत','दौड़'  सहित कई चर्चित फिल्मों का निर्माण व निर्देशन कर चुके फिल्मकार रामगोपाल वर्मा ने लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ,तकनीशियन और वर्करों की पारिश्रमिक राशि नहीं चुकाई है. जिन लोगों ने इस बाबत अपनी शिकायत "फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने इंप्लाइज" (FWICE)के साथ दर्ज कराई है, उसके अनुसार यह रकम सवा करोड़ रुपए से भी अधिक है.
शिकायत मिलने के बाद से "फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज" ने कई बार रामगोपाल वर्मा को नोटिस भेजकर वर्करों का पैसा चुकाने का निवेदन किया. मगर रामगोपाल वर्मा के कानों में अब तक जूं नहीं रेंगी है . परिणामत अब  " फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज" ने रामगोपाल वर्मा के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए आदेश जारी किया है कि फिल्म इंडस्ट्री की 32 यूनियनों में से किसी भी यूनियन का कोई भी सदस्य भविष्य  में रामगोपाल वर्मा के संग काम नहीं करेगा.
 
"फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज" के अध्यक्ष बीएन तिवारी, महासचिव अशोक दुबे और कोषाध्यक्ष गंगेश्वर श्रीवास्तव उर्फ संजू भाई के अनुसार फेडरेशन ने रामगोपाल वर्मा को पहले ही कई कानूनी नोटिस  भेजी थी. मगर रामगोपाल वर्मा ने फेडरेशन की कानूनी नोटिस का सटीक जवाब नहीं दिया और ना ही तकनीशियन और वर्करों का पैसा ही लौटाया. फेडरेशन ने 17 सितंबर 2020 को राम गोपाल वर्मा को पत्र लिखकर वर्करों की पूरी सूची और बकाया राशि लिख कर दिया था. उसके बाद भी कई पत्र भेजें , मगर रामगोपाल वर्मा ने इन पत्रों को बैरंग वापस कर दिया.
 
"फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज" के कुछ के अध्यक्ष बी एन तिवारी कहते हैं-"हमें बीच मे पता चला की कोरोना कॉल में भी राम गोपाल वर्मा अपने एक प्रोजेक्ट की शूटिंग कर रहे हैं ,जिस पर हमने गोवा के मुख्यमंत्री को भी   10 सितंबर 2020 को पत्र लिखा था. हम चाहते थे कि राम गोपाल वर्मा गरीब टेक्नीशियनों , कलाकारों और वर्करों  की बकाए राशि का भुगतान करें  .मगर राम गोपाल वर्मा ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया .जिसके बाद मजबूरी में उनके साथ भविष्य में काम नहीं करने का निर्णय लिया गया.इस बारे में इम्पा और गिल्ड तथा सभी प्रमुख यूनियनों को सूचित कर दिया गया है."

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