रोमांटिक, पोलीटिकल व रोमांचक फिल्म ‘‘दास देव’’ लंबे इंतजार के बाद सिनेमाघरों तक पहुंच पाई है. पृष्ठभूमि बदली है, मगर कहानी के केंद्र में राजनीति और प्यार ही है. चाहत,पावर और लत की कहानी के साथ ही हमारे देश की राजनीति का स्तर किस हद तक गिरा हुआ है, इसका नमूना है फिल्म ‘‘दासदेव’’. क्योंकि फिल्म ‘‘दास देव’’ में प्रेम कहानी या हारे हुए प्रेमी की मासूमियत नहीं, बल्कि यह फिल्म गंदी राजनीति के साथ अपनी राजनीतिक विरासत को बढ़ाते रहने की महत्वाकांक्षा की काली दलदल मात्र है.

Tags:
COMMENT