संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ आज यानी 25 जनवरी को रिलीज हो रही है. इस फिल्म को लेकर करणी सेना लगातार विरोध कर रही है. वो किसी भी हालत में इस फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होने देना चाहते. उनका यह विरोध इतना बढ़ गया है कि वो किसी भी हद से गुजर जाने पर उतारू हो गये हैं.

फिल्म रिलीज के पहले कई राज्यों के थिएटरों और माल्स में तोड़फोड़ की गई. अहमदाबाद के एक माल में आगजनी कर उसे तबाह कर दिया गया. इसके बाद ‘पद्मावत’ रिलीज के ठीक एक दिन पहले स्कूल बस पर पथराव किया गया. उस बस में कई मासूमों को चोट भी आई. लेकिन जब इससे भी काम नहीं चला तो अब करणी सेना ने फिल्मों के औनलाइन टिकट बुक करने की वेबसाइट BookmyShow को निशाने पर ले लिया है.

बता दें कि करणी सेना के दो नेता लोकेंद्र सिंह कलवी और महिपाल सिंह मकराना हैं. कलवी कई राज्यों में जाकर वहां के सीएम से मिलकर फिल्म पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं तो मकराना जमीनी स्तर पर फिल्म के विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं. मकराना ने पद्मावत के औनलाइन टिकट बुक करने पर BookmyShow को भी नतीजे भुगतने की धमकी दी है. मकराना ने कहा है, ‘हमने अपने दो लोगों को उनके आफिस भेजा था, लेकिन वहां कोई नहीं मिला, क्योंकि उनका सारा काम औनलाइन ही होता है.

मकराना ने इस वेबसाइट को धमकाया है कि फिल्म के टिकटों की बुकिंग बंद की जाए, वरना वे कभी कुछ बुक करने लायक नहीं रहेंगे.

उनका कहना है कि फिल्म के विरोध के दौरान मैकडौनल्ड्स और डोमिनोज में तोड़फोड़ की गई है, जो जायज है. इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ ऐसा ही होना चाहिए. ये कंपनियां राजस्थान के लोगों को अपने खाने से बीमार बना रही हैं. मकराना यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि बुक माय शो पर बुकिंग करने वालों को भी धमकाया और कहा इन सब के लिए भंसाली ही दोषी हैं, जो हमारी भावनाओं से खिलवाड़ कर फिल्म दिखा रहे हैं.

अगर कोई राजस्थानी यह सोचता हो कि फिल्म में कुछ भी गलत नहीं दिखाया गया है और वह इस फिल्म को देखना चाहे तो, इस सवाल के जवाब में मकराना ने कहा कि ऐसे लोगों को राजस्थान में रहने का बिल्कुल हक नहीं है. इसके साथ ही मकराना ने कहा है कि अगर कभी यह फिल्म टीवी पर आई तो सब लोगों को अपने टीवी सेट भी बंद कर देने चाहिए.

करणी सेना के मुखिया कलवी ने अपनी पिछली मीडिया कौन्फ्रेंस में आशंका जताई थी कि या तो वह गिरफ्तार हो जाएंगे या उन्हें कत्ल कर दिया जाएगा. वैसे कुछ लोगों का कहना है कि कलवी और मकराना ने फिल्म के विरोध को अपने ईगो पर ले लिया है और अब वे गिरफ्तार होने के लिए उतावले हैं, ताकि कम से कम यह तो कह सकें कि जब तक वे बाहर थे, विरोध करते रहे.

फिल्म का सबसे ज्यादा विरोध राजस्थान में हो रहा है. यहीं, जयपुर का शानदार राज मंदिर सिनेमा हौल अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है. 53 साल पुराना यह सिनेमा हौल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी तारीफें लूट चुका है.

इस हौल का ज्यादातर हिस्सा और झूमर शीशे का बना है. इसके मैनेजर किशोर काला ने कहा कि वह नहीं चाहते हैं कि उनका यह ऐतिहासिक सिनेमा हौल करणी सेना के गुस्से का शिकार बने, इसलिए यहां पद्मावत फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है. इस सिनेमा हौल के दफ्तर के पास ही राजपूत सभा का भी दफ्तर है.

कई माल और सिनेमा हौल तो करणी सेना के धमकियों और उनकी हरकतों से डरे हुए हैं. कई लोग ऐसे हैं जो इस फिल्म को देखना चाहते हैं पर एक फिल्म के लिए कोई भला अपने जान का जोखिम क्यों लेगा, ऐसे में ‘पद्मावत’ को सफलता मिलना काफी मुश्किल है.

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