पिछले कुछ समय से ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रसारित हो रही फिल्मों, डाक्यूमेंट्री और वेब सीरीज को ‘सेंसर बोर्ड’के तहत लाने की मांग उठती रही है.इसी मांग के अनुरूप नवंबर 2020 माह में सरकार डिजिटल प्लेटफार्म,ओटीटी आदि को सूचना प्रसारण मंत्रालय के अधीन लाने का फैसला लिया था.उधर रचनात्मक सामग्री को सेंसर करने की मांग देश का एक तबका लगातार उठाता रहा.मगर सरकार भी समझ रही थी कि सेटेलाइट चैनल हों या ओटीटी प्लेटफार्म हो या सोशल मीडिया हो, इन्हें सेंसरशिप के दायरे में लाना व्यावहारिक नही है.

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