गोवा में हिंदी और मराठी फिल्मों और रंगमंच के अलहदा अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. उन की रात (7 अक्तूबर, 2026) को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और तकरीबन साढ़े 3 बजे उन्हें दोना पावला में बने मणिपाल अस्पताल लाया गया, पर डाक्टर ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही नाना पाटेकर की मौत हो चुकी थी.
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि हार्ट अटैक की वजह से नाना पाटेकर का सुबह 5:20 (8 अक्तूबर, 2026) बजे निधन हुआ.
मणिपाल अस्पताल के औन्कोलौजी विभाग के प्रमुख डाक्टर शेखर सालकर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, 'लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद नाना पाटेकर को बचाया नहीं जा सका. एक मैडिको लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा.'
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उन का 1 जनवरी, 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा इलाके में जन्म हुआ था. उन्होंने मुंबई के सर जेजे इंस्टीट्यूट औफ एप्लाइड आर्ट से शिक्षा प्राप्त की थी. उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अभिनेता, लेखक और निर्देशक के रूप में पहचान बनाई थी और साल 1978 में एऐ हिंदी फिल्म ‘गमन’ से हिंदी फिल्मों में डैब्यू किया था. उन्हें ‘अंकुश’, 'सलाम बौम्बे', ‘प्रतिघात’, ‘परिंदा’, 'वैलकम', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार' जैसी और भी उम्दा फिल्मों से अलग पहचान मिली थी.
याद रहे कि दमदार आवाज के धनी नाना पाटेकर को साल 1989 में आई फिल्म ‘परिंदा’ में अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था. ‘परिंदा’ के लिए वे फिल्मफेयर पुरस्कार से भी सम्मानित हुए थे. साल 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. इस के अलावा उन्हें फिल्म ‘अग्निसाक्षी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था.
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