Amazon: भारत में जब लोग दिवाली की सफाई, मिठाई और शॉपिंग में लगे हैं और अमेजन पर ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल चल रही है, इसी दौरान अमेजन ने अपने 250 कर्मचारियों को ईमेल भेज कर उनकी जॉब छीन ली है. अक्टूबर की शुरुआत में ही अमेजॉन ने तक़रीबन 1 हजार लोगों को जॉब से निकाला था. अब इसी तरह 250 लोगों भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी घाटे में है?
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह लोग अभी सोकर उठे ही थे कि उनके फोन पर एक टेक्स्ट मैसेज और एक ईमेल आया. यह मेसेज डिवाइसेज एंड सर्विसेज डिवीजन की एचआर वाइस प्रेसिडेंट चेरी रॉबिन्सन ने भेजा था. जिसमें लिखा था कि कंपनी ने अपने स्ट्रक्चर की पूरी समीक्षा की है इसलिए कुछ रोल्स खत्म करने का कठिन फैसला लिया गया है, बस. इतने में 250 लोगों की नौकरी चली गई.
यह कोई छोटी-मोटी छंटनी नहीं है. यह अमेजन के उसी डिवाइसेज एंड सर्विसेज डिवीजन की छंटनी है, जो किंडल ई-रीडर, फायर टैबलेट, इको स्पीकर, एलेक्सा वाले डिवाइस बनाता है. सबसे ज्यादा मार सॉफ्टवेयर डेवलपर्स पर पड़ी है. यानी वही लोग, जिन्होंने कुछ हफ्ते पहले ही नए किंडल और नए टैबलेट बनाए थे अब उन्हीं को बाहर कर दिया गया.
इत्तेफ़ाक़ देखिए कि जिस दिन 250 लोगों को निकाला गया, उसी दिन अमेजन ने एलेक्सा से चलने वाली नई अलार्म घड़ी और डिजिटल फोटो फ्रेम लॉन्च करने की घोषणा की. एक ही दिन में एक तरफ नए प्रोडक्ट का ढोल पीटा गया तो दूसरी तरफ पुराने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. कंपनी ने कहा है कि हम ज्यादा कुशलता से काम करना चाहते हैं और अपने प्रोडक्ट रोडमैप से टीम को जोड़ना चाहते हैं. मतलब साफ है कि कंपनी को लोग नहीं, सिर्फ मुनाफा चाहिए.
इसी अक्टूबर महीने की शुरुआत में अमेजन ने अपने कोर रिटेल डिवीजन से करीब 1,000 लोगों को निकाला था. वो रिटेल डिवीजन जो अमेजन की मुख्य ई-कॉमर्स वेबसाइट चलाता है. यानी त्योहारों के अक्टूबर में ही कुल 1,250 नौकरियां चली गईं और अगर एक साल का हिसाब लगाएं तो आंकड़ा डराने वाला है. अक्टूबर 2025 में 14,000 नौकरियां, जनवरी 2026 में 16,000 नौकरियां, अक्टूबर 2026 में 1,000 और 250 नौकरियां. कुल 31,000 से ज्यादा. यानि कि 2026 में ही करीब 17,250 नौकरियां जा चुकी हैं.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी घाटे में है? हैरानी की बात है कि अमेजन ने 2025 में 12 परसेंट की बढ़त के साथ 716 अरब डॉलर का रिकॉर्ड रेवेन्यू कमाया था. इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी घाटे में नहीं है, कंपनी मुनाफे में है और फिर भी छंटनी हो रही है. क्यों? TrueUp के मुताबिक 2026 में अब तक 670 टेक कंपनियों ने छंटनी की है और इस छंटनी में कुल 1,97,123 कर्मचारी निकाले गये हैं. माइक्रोसॉफ्ट, नेटफ्लिक्स, ओरेकल जैसी बड़ी कम्पनियां भी यही कर रही हैं. सुबह ईमेल और शाम को बेरोजगार.
भारत के लिए ये और भी दर्दनाक है क्योंकि भारत में त्यौहार का मतलब है बोनस, नई नौकरी, नया सामान. दिवाली से पहले लोग EMI, बच्चों की फीस और घर का खर्च प्लान करते हैं. इसी समय अगर सुबह उठकर पता चले कि नौकरी गई तो दिवाली नहीं, अंधेरा लगता है. रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इस बार की छंटनी का असर भारत समेत ग्लोबल टीमों पर पड़ा है, खासकर तब जब भारत में ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल चल रही थी.
अमेजन की तो अब आदत बन गई है. कोई मीटिंग नहीं. सुबह-सुबह ईमेल और नौकरी गई. पहले मेटा ने ऐसा किया, फिर ओरेकल ने, अब अमेजन ने. कर्मचारी को पता भी नहीं चलता कि उसकी गलती क्या थी? परफॉर्मेंस खराब थी? प्रोजेक्ट खत्म हो गया? या बस कंपनी को लागत कम करनी थी? इस छंटनी के अगले दिन ही कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए. शेयर बाजार को खुश करने के लिए कर्मचारियों की बलि चढ़ा दी गई. यही आज की कॉर्पोरेट दुनिया है. असल में तो यह 250 सिर्फ एक नंबर नहीं है. 250 घर हैं. 250 EMI हैं. 250 परिवारों की दिवाली है जो इस बार फीकी हो गई. Amazon




