Musk Ambani: भारत के लोकतंत्र के लिए 10 अक्टूबर का दिन काले अक्षरों में लिखा जाएगा. एक तरफ दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ प्रोटेस्ट में विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा था, दूसरी तरफ अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के प्रधानमंत्री की इज्जत की धज्जियाँ उड़ाई जा रही थीं. दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क ने खुलेआम भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत का असली बॉस मुकेश अम्बानी है. इस बेइज्जती पर नरेंद्र मोदी की चुप्पी ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है.

एलन मस्क ने 9 और 10 अक्टूबर को X पर जो लिखा वह भारत जैसे देश के प्रधानमंत्री का मज़ाक ही है. ऐसा आज तक किसी विदेशी बिजनेसमैन ने भारत के प्रधानमंत्री के लिए नहीं लिखा था. मस्क ने मुकेश अंबानी को टैग करते हुए लिखा- “प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी, मेरी विनम्र माफी स्वीकार करें कि मुझे यह एहसास नहीं हुआ कि आप ही भारत के असली बॉस हैं. स्वाभाविक है कि आप अपनी मोनोपोली बनाये रखने के चक्कर में भारत की महान जनता का शोषण बनाए रखना चाहेंगे लेकिन क्या फिर भी आप स्टारलिंक को कॉम्पीटिशन में शामिल होने की अनुमति देने पर विचार करेंगे?”

असल में तो यह सिर्फ एक व्यंग नहीं है बल्कि भारत के प्रधानमंत्री की शाख पर सीधा हमला है. एलन मस्क सीधे तौर पर कह रहे है कि भारत में मोदी नहीं, अंबानी का राज चल रहा है. वह कह रहे हैं कि अंबानी अपनी मोनोपोली के चक्कर में भारत की जनता का शोषण कर रहे हैं.

एलन मस्क यहीं नहीं रुके. उन्होंने अगले दिन अल जजीरा की 2022 की रिपोर्ट शेयर की जिसमें बताया गया था कि कैसे रिलायंस फंडेड फर्म ने फेसबुक पर बीजेपी के प्रचार का ठेका लिया और द इंडियन एक्सप्रेस की 2024 की रिपोर्ट भी शेयर कर दी जिसके अनुसार रिलायंस लिन्क्ड कंपनी क़्विक सप्लाई ने इलेक्ट्रोरल बॉन्ड के जरिए बीजेपी को 385 करोड़ रुपये का चंदा दिया था. मतलब एलन मस्क सीधे कह रहे है कि अंबानी बीजेपी को पैसा देते हैं और बीजेपी बदले में अंबानी की मोनोपोली बचाती है.

अब सवाल यह है कि जो नरेंद्र मोदी बात-बात पर ट्वीट करते हैं, जो हर देश के प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हैं, जो मन की बात में हर मुद्दे पर बोलते हैं, उन्होंने अभी तक एलन मस्क को एक भी जवाब क्यों नहीं दिया? जब कनाडा के जस्टिन ट्रूडो ने कुछ कहा तो तुरंत 56 इंच का सीना दिखाया गया, जब मालदीव ने कुछ कहा तो बायकॉट मालदीव ट्रेंड करवाया गया लेकिन जब अमेरिका के एक बिजनेसमैन ने कह दिया कि भारत का प्रधानमंत्री अंबानी है तो मोदी चुप हैं. यह बेहद शर्मनाक है. क्या भारत जैसे ताकतवर देश का प्रधानमंत्री इतना डरपोक है कि वह एक ट्वीट भी नहीं कर सकता?

इस मामले पर लीपापोती करने के लिए सरकार ने अपने मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को आगे कर दिया है जो कह रहे हैं कि भारत में किसी भी तरह की मोनोपोली नहीं है. यह तो और भी ज्यादा बेशर्मी की बात है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने न तो एलन मस्क को सीधे तौर पर कुछ कहने की हिम्मत दिखाई और न ही उन्होंने अपने प्रधानमंत्री के अपमान पर कुछ कहा. वैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया को पता होना चाहिए की दुनिया आपका बयान नहीं, 56 इंच की छाती वाले आपके प्रधानमंत्री की चुप्पी देख रही है.

इस पूरे मामले ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की इमेज को गहरा नुकसान पहुंचाया है. सरकार उद्योगपतियों के लिए काम करेगी और उद्योगपति सरकार के लिए चंदा देंगे, बीजेपी ने 12 सालों में यही गुजरात मॉडल बनाया था और आज यही गुजरात मॉडल दुनिया के सामने एक्सपोज हो गया है. भारत में अम्बानी ही असली बॉस है, एलन मस्क ने यह बात यूंही ही नहीं कही. यह इस बात का सुबूत है कि दुनिया अब भारत को दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी के तौर पर नहीं बल्कि दो-तीन उद्योगपतियों की मोनोपोली के तौर पर देख रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डरपोक चुप्पी इस बात पर मुहर लगा रही है कि आरोप में सच्चाई है.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...