Indore Land Dispute: सूरज रजक का नाम इंदौर के बड़े शराब कारोबारियों में गिना जाता है. वह मध्य प्रदेश क्रिकेट प्रीमियर लीग की टीम मालवा स्टैलियंस का मालिक भी है. सूरज पहले प्रौपर्टी डीलिंग का काम करता था, बाद में शराब के कारोबार में उतरा. उसकी इंदौर के विजयनगर और हीरा नगर में शराब की बड़ी दुकानें हैं.
शराब कारोबारी सूरज को इंदौर के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला का काफी करीबी माना जाता है. इंदौर में सूरज का रुतबा इस कदर कायम है कि पुलिस के अधिकारी भी इस के खिलाफ काररवाई करने से कतराते हैं. सूरज रजक की इंदौर शहर के निपानिया इलाके में खाली पड़ी करीब 2 हेक्टेयर जमीन पर पैनी निगाह बनी हुई थी. वह किसी भी तरह से यह जमीन हथियाने में लगा हुआ था. उस का प्लान इस जमीन को किसी भी तरह किराए पर ले कर पहले शराब ठेका खोलना, उस के बाद इसे हथिया कर शौपिंग कौंप्लेक्स या मौल बनाने का था.
यह बेशकीमती जमीन अभिनेत्री रेमन कक्कड़ के परिवार से जुड़ी हुई थी. रेमन सिंह एक ऐसी अभिनेत्री है, जिस ने भारतीय फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में काम किया है. उन की पहली हिंदी फिल्म ‘डांस पार्टी’ 1995 में रिलीज हुई थी. उस के बाद उस ने फिल्म ‘आर्मी’, ‘मिलिट्री राज’ और ‘घायल वंस अगेन’ में अभिनय किया है. रेमन ने 2 पंजाबी फिल्मों ‘खेल तकदीरां दे’ और ‘खालसा मेरो रूप है खास’ में भी काम किया है.
टीवी एक्ट्रैस रेमन कक्कड़ का इंदौर शहर में यशवंत निवास रोड पर पुश्तैनी मकान है, जबकि देवास नेक चौराहे पर उस की सवा 4 हेक्टेयर पुश्तैनी जमीन है. इस जमीन में से लगभग 70 करोड़ रुपए कीमत की डेढ़ एकड़ जमीन उस के परिवार ने इंदौर विकास प्राधिकरण को रिंग रोड विस्तार के लिए दी थी. रेमन के फादर ने 1964 में तकरीबन 6.84 एकड़ जमीन खरीदी थी. जमीन का कुछ हिस्सा 2010 में सडक़ चौड़ीकरण के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण को दिया गया था.
निपानिया क्षेत्र के सर्वे नंबर 414 की लगभग 2 हेक्टेयर जमीन रेमन की मम्मी नरेंद्र कौर सलूजा और उन के भाइयों पुष्पेंद्र और रणधीर सलूजा के नाम पर दर्ज है. सूरज रजक द्वारा पिछले कुछ महीनों से सलूजा परिवार और कक्कड़ परिवार पर इस बात का दबाव बनाया जा रहा था कि वे अपनी जमीन उसे किराए पर दे दें, मगर उसे यह जमीन नहीं मिल पा रही थी. जब रेमन के पति ऋषि कक्कड़ ने जमीन देने से मना किया तो सूरज ने रेमन के बड़े भाई रणधीर सलूजा से भी बात की थी, लेकिन उस ने भी जमीन किराए पर देने से साफ इनकार कर दिया. इस के बाद रजक खुद उस की मम्मी मां नरेंद्र कौर सलूजा से मिलने उन के घर पहुंचा था, लेकिन वहां भी उसे जमीन किराए पर देने से साफतौर पर मना कर दिया गया.
इस के बाद सूरज रजक ने जमीन जबरदस्ती कब्जा करने के लिए लोहे के खंभे लगा कर टिन शेड लगाने का काम शुरू कर दिया. जब रेमन को जमीन पर कब्जे की खबर मिली तो वह बिना देर किए अपनी जमीन देखने पहुंचीं. वहां उन्होंने देखा कि चारों तरफ कुछ लोग खंभे लगाने का काम कर रहे थे. रेमन को वहां काम कर रहे लोगों से ही पता चला कि सूरज रजक के कहने पर यह काम किया जा रहा है.
जब रेमन इंदौर के लसूडिय़ा पुलिस थाने पहुंची तो पुलिस इंसपेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी की. दरअसल, पुलिस सूरज के राजनैतिक संबंधों की वजह से उस के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखना चाहती थी. रेमन भी चुप रहने वाली नहीं थी, उस ने मुख्यमंत्री कार्यालय को एक ईमेल भेज कर इस की सूचना दी तो मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इंदौर पुलिस को सूरज रजक के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. सूरज रजक के खिलाफ बीएनएस की धारा 329(3) (जमीन जबरन कब्जा करने की कोशिश) के तहत मामला दर्ज कर लिया.
यह जमीन मुख्य सडक़ पर स्थित होने के कारण काफी कीमती मानी जा रही है, जिस की अनुमानित बाजार दर लगभग 300 करोड़ रुपए है. सूरज रजक ने हाल ही में करीब 150 करोड़ रुपए में शराब का ठेका लिया है, जो बेस प्राइस से काफी ज्यादा है. उन की मौजूदा शराब की दुकान पीछे की ओर है, जबकि रेमन कक्कड़ के परिवार की जमीन मुख्य सडक़ पर है. मुख्य सडक़ पर दुकान खोल कर शराब बिक्री बढ़ाने के लिए सूरज ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की थी, जो कि नाकाम रही. Indore Land Dispute
लंबी कहानी मनोहर कहानियां के सितंबर अंक में पढ़ें.





