Plastic Currency India: डिजिटल पेमेंट का चलन चाहे तेजी से बढ़ गया हो, लेकिन नकदी की जरूरत अभी भी खत्म नहीं हुई है. ज्यादातर लोग आज भी अपनी जेब या पर्स में 10, 20, 50, 100 या 500 रुपए के नोट जरूर रखते हैं. आने वाले समय में आप को इन नोटों का नया रूप देखने को मिल सकता है. भारत में प्लास्टिक यानी पौलीमर के नोट लाने की तैयारी शुरू हो गई है.
भारतीय रिजर्व बैंक की नोट छापने वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड ने प्लास्टिक के नोट बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली पौलीमर शीट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए कंपनी ने दुनियाभर की कंपनियों से एक्सप्रैशन औफ इंटरैस्ट यानी प्रस्ताव मांगे हैं. इस से साफ संकेत मिलता है कि देश में पौलीमर नोटों को ले कर तैयारियां अब तेज हो रही हैं. जैसा और क्षेत्रों में है, भारत अभी भी अच्छी प्रिंटिंग मशीनें नहीं बनाता है और चीन, जापान, जरमनी से इंपोर्ट करता है. 5वीं सब से बड़ी अर्थव्यवस्था को नोट बनाने की मशीन बाहर से मंगानी पड़ती है जिस का रिमोट उत्पादक के पास ही होता है.
प्लास्टिक नोटों के कई फायदे बताए जाते हैं. ये सामान्य कागज के नोटों की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होते हैं. ये जल्दी फटते नहीं हैं और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं. पानी लगने पर भी प्लास्टिक के नोट जल्दी से खराब नहीं होते.
अभी यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और प्लास्टिक के नोट कब आम लोगों के हाथों में पहुंचेंगे, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है. डर बस यह है कि किसी दिन रात 8 बजे नरेंद्र मोदी यह न कह दें कि मित्रो, अब से 5 घंटे बाद कागज के नोट सिर्फ हाथों को सुखाने के काम के रह जाएंगे. Plastic Currency India





