Finding Life Partner on Google: शादी के लिए उपयुक्त जीवनसाथी ढूंढ़ना कभी आसान नहीं रहा है. इन दिनों तो और मुश्किल हो गया है जबकि एक स्मार्टफोन में दुनियाभर की जानकारियां और सूचनाएं समाई हुई हैं. गूगल इन में अव्वल है लेकिन उस पर कब्जा ठग पंडों, ज्योतिषियों, बाबाओं और तांत्रिकों का है जो शादी करवाने के ऐसेऐसे उपाय व टोनेटोटके वगैरह बताते हैं जिन्हें देख लगता है कि देश सांपसपेरों वाली इमेज से शायद ही कभी बाहर आ पाए.
जो लोग गूगल मैप पर अंधा भरोसा कर मंजिल पर पहुंचने की कोशिश करते हैं, अकसर उन का सफर तकलीफदेह और दुश्वार हो जाता है. कई बार तो लोगों को जान से भी हाथ धोना पड़ जाता है.
जिंदगी के सफर के लिए हमसफर गूगल के जरिए ढूंढ़ना कितना नुकसानदेह और घातक साबित होता है, इस के उदाहरण कम नहीं हैं. स्मार्टफोन का हाथ में होने का मतलब यह कतई नहीं है कि उस का इस्तेमाल करने वाला भी स्मार्ट है. वे लोग जो अब पत्रपत्रिकाएं और किताबें नहीं पढ़ते उन्हें यह ग़लतफ़हमी हो जाना बेहद आम है कि वे अब बुद्धिमान हो गए हैं क्योंकि गूगल से मुफ्त के भाव की जानकारियां उन्हें मिल रही हैं.
जानकारियों व सूचनाओं और बुद्धिमानी व समझ में एक बड़ा फर्क यह है कि अक्ल, समझ और बुद्धिमानी से गूगल का दूरदूर तक कोई नाता नहीं है. यह सब गूगल देता नहीं, उलटे, इतना जरूर है कि वह लोगों को गुमराह करने का उस्ताद हो गया है. उस पर कब्जा ऐसे धूर्तों का है जिन की रोजीरोटी ही ठगी है. ठगने का सब से बड़ा और बेहतर जरिया शुरू से ही धर्म रहा है जो आम लोगों की कमजोर नब्जें पकड़ कर रखता है.
दानदक्षिणा के एवज में जिंदगी के हर तरह के सुख की गारंटी दुनिया में सिर्फ धर्म ही देता है. कोई विज्ञान नहीं जो यह कहता हो कि पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें. जबकि धर्म का फंडा यह है कि बिना सोचेसमझे उन बातों और दावों पर विश्वास कर लो जिन का न तो हकीकत से कोई वास्ता होता और न ही कोई वजूद होता है.
सरिता हर अंक में धार्मिक ठगी, अंधविश्वासों और पाखंडों की पोल तर्कों सहित और तथ्यों के जरिए खोलती है. इस से पाठकों को फायदा होता है और जिंदगी के अहम फैसले लेने में सहूलियत रहती है. एक ठगी जो इन दिनों गूगल पर बड़े पैमाने पर फलफूल रही है वह लाइफपार्टनर ढूंढने की है. वे पंडे जो गूगल आने के पहले शादी के मामले में दूसरे माध्यमों से गुमराह किया करते थे वे अब अपनी दुकान गूगल पर खोल बदस्तूर ठगी में लगे हैं. इन के निशाने पर यों तो सभी हैं लेकिन वे लोग खासतौर से हैं जो गांव, देहात और कसबों में रहते हैं. इन में भी उन लड़कियों की तादाद खासी है जिन्होंने कभी दुनियादारी सिखाने वाली पत्रिकाएं और किताबें नहीं पढ़ीं. लिहाजा, गूगल ही उन के लिए सबकुछ है.
यों फसती हैं लड़कियां
यह ठीक है कि अब गांवकस्बों की लड़कियां भी स्कूलकालेज में पढ़ने लगी हैं लेकिन उन की पढ़ाईलिखाई बेहद रस्मी है जो उन्हें महज अक्षर ज्ञान देती है, व्यावहारिकता और दुनियादारी से उस का कोई वास्ता नहीं होता. इन लड़कियों की बड़ी चिंता शादी होती है, कैरियर की नहीं क्योंकि इन की शिक्षा सरकारी नौकरी तो दूर की बात है, प्राइवेट नौकरी के लायक भी नहीं होती.
कमाने के नाम पर ये युवतियां छोटेमोटे काम करने लगती हैं जिन से बमुश्किल गुजारे लायक आमदनी इन्हें हो जाती है. अभावों में जीती इन लड़कियों के हाथ में इस दौरान सब से आत्मघाती हथियार मोबाइल फोन आ जाता है जो इन के हसीन जिंदगी जीने के सपनों को पंख लगा देता है. हसीन सपने यानी खासी आमदनी और इज्जतदार जिंदगी के अलावा शादी के बाद की जिंदगी जिस में लड़कालड़की पार्क या पहाड़ों पर नाचते रोमांटिक गाना गा रहे होते हैं, मौल में शौपिंग कर रहे होते हैं, बड़े होटल में डिनर ले रहे होते हैं, बाइक या कार में एकदूसरे से चिपके लौंग ड्राइव पर निकले होते हैं या फिर लक्जरी बेडरूम में नरम गद्दे पर पड़े सैक्स कर रहे होते हैं.
लेकिन गूगल सपने पूरे नहीं करता. हां, सपने पूरे करवाने वालों को शह देते ठगी, पिछड़ेपन और अंधविश्वास फ़ैलाने वालों के प्रचार कर वह समाज का गुनाहगार जरूर हो गया है. अब पेरैंट्स भी संतानों के लिए जीवनसाथी ढूंढ़ने में असफल होने लगे हैं. लड़कियों के मामले में तो यह उलझन और बढ़ जाती है क्योंकि उन के पैमानों पर खरा उतरने वाला लड़का अकसर जाति में मिलता नहीं और इंटरकास्ट मैरिज करने के लिए उन का धार्मिक व रूढ़िवादी दिल और दिमाग गवारा नहीं करते.
अब कसबाई लड़कियां गूगल पर उपयुक्त जीवनसाथी अपने लिए खोजने लगती हैं. लड़कियां यहीं गच्चा खा जाती हैं. चूंकि कि खुद अपने रिश्ते की बात करने के लिए वे घरवालों और समाज के लिहाज के चलते बाहर नहीं जा सकतीं इसलिए गोपनीयता रखने वाले गूगल का एकांत में सहारा लेने लगती हैं.
गूगल पर उन्हें वह सब दिख जाता है जिसे देख उन्हें लगता है कि अरे, इस पर तो सबकुछ है.
क्याक्या है गूगल में
गूगल की यह खूबी है कि वह किसी को निराश नहीं करता. जब लड़कियां गूगल करती हैं तो उन्हें दर्जनों विकल्प इस पर मिल जाते हैं, मसलन मैरिज ब्यूरो, मैट्रीमोनियल साइट्स, ऐप्स, सोशल मीडिया प्लेटफौर्म्स और सैकड़ों पंडेपुजारी व ज्योतिषी जो मनपसंद शादी करने के शर्तिया उपाय बताते हैं.
लड़कियों की परवरिश चूंकि ज्योतिष, टोनेटोटकों और तंत्रमंत्र व अंधविश्वासी माहौल में ही हुई होती है, इसलिए वे इन के झांसे में जल्द आ जाती हैं. गूगल पर ढेरों बाबा दिनरात यही धंधा कर रहे हैं जो यह बताते हैं कि मनपसंद और हमेशा साथ देने वाला, खयाल रखने वाला और प्यार करने वाला लाइफपार्टनर कैसे मिलेगा. ऐसे कुछ बाबाओं की ठगी और धूर्तता के तरीकों पर गौर करें तो लगता है कि देश कितना पिछड़ा हुआ है और आबादी का बड़ा हिस्सा शादी के नाम पर कैसेकैसे ठगा जा रहा है.
पिछले साल जून के महीने में एक पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने जयपुर से 35 साला बाबा सुनीत झा को गिरफ्तार किया था. यह बाबा इंस्टाग्राम पर भी अपना प्रचार करता था. पीड़िता ने शादी के लिए सुनीत झा से संपर्क किया तो उस ने कई उपाय बता डाले. धीरेधीरे पीड़िता उस पर अंधा भरोसा कर उस के मांगे हुए पैसे अनुष्ठानों के नाम पर देने लगी.
शुरूशुरू में सुनीत छोटेमोटे घरेलू टोटके बता कर लड़की से पैसे ऐंठता रहा. लेकिन बात नहीं बनी तो उस ने पीड़िता को यह कहते डराया कि बाधा बड़ी आ रही है, इसलिए उपाय भी बड़ा करना पड़ेगा जिस के लिए उसे वाराणसी जा कर विशेष क्रिया करनी पड़ेगी. लड़की राजी हो गई और उस ने बिना सोचेसमझे इस ठग बाबा को 3 लाख रुपए दे दिए.
बस, यही तो सुनीत चाहता था कि कोई मोटी मुरगी फंसे तो ठिकाना बदल कर वहां धंधा चमकाए, इसलिए वह जयपुर भाग गया. पीड़िता ने कुछ दिन इंतजार किया लेकिन जब बाबा ने फोन उठाना बंद कर दिया तो उस ने पुलिस में शिकायत की जिस के चलते सुनीत पकड़ा गया.
गूगल के जरिए बड़े पैमाने पर सक्रिय चमत्कारी बाबा के गिरोह को अहमदाबाद में बीती 25 मई को पुलिस ने पकड़ा था. दो साल में इस गिरोह ने शादी का झांसा दे कर 2 हजार के लगभग लोगों, जिन में अधिकतर लड़कियां थीं, से 60 लाख रुपए से भी ज्यादा की ठगी की थी जिस में अधिकतर लड़कियां थीं.
ज्योतिषी पूजा किन्नर मां और आचार्य विकास शास्त्री नाम से ठगी करने वाले इस गिरोह का कर्ताधर्ता रजनीश गोविंदलाल भार्गव था. यह गिरोह भी शादी के लिए अनुष्ठान करवाता था. शुरूशुरू में गांवदेहात की लड़कियों ने अपनी शादी के लिए इस से संपर्क किया. जब इसे यह पता चला कि अधिकतर लड़कियां अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती हैं तो इस ने वशीकरण का धंधा भी शुरू कर दिया.
गूगल और बाबाओं का गठजोड़
भोपाल के नजदीक बेरासिया कसबे की 29 वर्षीया प्रीति कुशवाह (बदला नाम) की शादी कहीं तय नहीं हो पा रही थी. कहीं या तो लड़के की कमाई कम होती थी तो कहीं दहेज़ आड़े आ जाता था. आधे से ज्यादा जगह तो जन्मकुंडली में मंगलदोष की वजह से बात आगे नहीं बढ़ पाती थी. ऐसे दर्जनभर अड़ंगे लगातार चारपांच साल आए तो प्रीति को लगा कि ऐसे तो वह बूढ़ी हो जाएगी लेकिन उपयुक्त लाइफपार्टनर नहीं मिल पाएगा.
इस परेशानी से निबटने के लिए उस ने गूगल का सहारा लिया तो उसे लगा कि खामख्वाह में ही इतना वक्त जाया किया. गूगल पर कई बाबा थे जो जल्द शादी के उपाय बता रहे थे. प्रीति ने एकएक कर सब को आजमाया. किसी के कहने पर 16 सोमवार के व्रत किए, पीले गुरुवार किए जिन में इस दिन सिर्फ पीला खाना खाने की शर्त थी. मंगलवार के दिन सूखे नारियल में छेद कर पीपल के पेड़ के नीचे भी रखे और एक ज्योतिषी के बताए मुताबिक उस ने लालपीली पूजा भी की थी. इन में से दो ने एक हजार एक रुपए की दक्षिणा ली. इस पर भी बात नहीं बनी तो उस ने पंडितों के बताए मुताबिक टोनेटोटके शुरू कर दिए.
पिछले साल नवंबर में एक दिन यों ही सर्च करतेकरते उसे बेंगलुरु के चंद्रशेखर सुगत नाम के बाबा का नाम और फोन नंबर मिला. प्रीति ने फोन किया तो थोड़ी पूछताछ के बाद उस से 5,100 रुपए मांगे गए. उस वक्त उस के पास रुपए नहीं थे, इसलिए उस ने कुछ समय मांगा जो कि मिल गया. तीन महीने में ही उस ने मांगे गए पैसे इकट्ठा कर सुगत बाबा के नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला. गूगल पर ही सर्च करते करते उसे पता चला कि सुगत बाबा तो एक महिला से ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए हैं.
अब प्रीति को समझ आया कि गूगल के सारे बाबा फ्राड हैं जो केवल पैसे ऐंठते हैं. लिहाजा, उस ने ऐसे बाबाओं से तोबा कर ली है. एमए तक पढ़ी प्रीति को समझ यह भी आने लगा है कि गूगल ऐसे बाबाओं को प्रोत्साहन और प्लेटफौर्म ही क्यों दे रहा है. ये बाबा हर समस्या का समाधान बताते हैं और उस के एवज में तगड़ी फीस वसूलते हैं.
कुछ लोकप्रिय दुकानदार बाबा
ऐसे ही एक बाबा अमित शर्मा हैं जो गूगल पर अपनेआप को प्रसिद्द वैदिक ज्योतिषी कहते प्रचारित करते हैं. यों तो इन के पास सारी समस्याओं का समाधान मौजूद हैं लेकिन अपनेआप को प्रेम समस्या विशेषज्ञ बताते वे अपने विज्ञापन में लिखते हैं-
“पंडित अमित शर्मा एक प्रसिद्द वैदिक ज्योतिषी हैं जिन्हें प्रेम विवाह अंतरजातीय विवाह और रिश्तों से जुडी समस्याओं के समाधान में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन के सटीक कुंडली विश्लेषण और उन के प्रभावी उपायों ने विश्वभर में हजारों जोड़ों को फिर से मिलाने में मदद की. चाहे आप मातापिता की आपत्तियों, संचार की कमी या विवाह के बाद के संघर्षों का सामना कर रहे हों, अमित शर्मा के सिद्ध मंत्र, पूजा और रत्न संबंधी मार्गदर्शन आप के पक्ष में स्थिति बदल सकते हैं.”
ये पंडित जी सातों दिन चौबीसों घंटे सलाह देने के लिए उपलब्ध रहते हैं और शतप्रतिशत गोपनीयता और सफलता सहित संतुष्टि की गारंटी देते हैं. आखिर में ऐसी और ढेरों खूबियां गिना कर ये अपने फोन नंबर देते, अभी कौल करने का आमंत्रण भी देते हैं.
ऐसे ही एक दूसरे बाबा ज्योतिषी करण शर्मा हैं. इन की भी महिमा इंटरनैशनल और अपरंपार है जिस के बारे में एम्स्टर्डम, हौलैंड की किसी महिला सोनाली गौतम के हवाले से लिखा गया है- “पंडित करण शर्मा निसंदेह विश्व के सर्वश्रेष्ठ प्रेम विवाह विशेषज्ञों में से एक हैं. उन्होंने मुझे मेरा प्यार वापस पाने में सफलतापूर्वक मदद की है. अब हम एक खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं.” आखिर में इन्होंने भी अपना फोन नंबर दे रखा है.
लोग, खासतौर से युवतियां, कैसे इन के झांसे में आते हैं, यह बेरासिया की प्रीति जैसी की आपबीती से सहज समझा जा सकता है. इन और ऐसे सैकड़ों दुकानदारों ने शादी न होने या उपयुक्त लाइफपार्टनर न मिलने की समस्या को दुधारू गाय बना रखा है.
रिश्तों और लव मैरिज के नाम ठगी करते इन बाबाओं का इलाज एक ही है कि इन के चक्कर में ही न फंसा जाए. ऐसा होना तभी मुमकिन है जब हर कोई इन का बहिष्कार करे और मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल उपयोगी कामों में करे. गूगल मैप की तरह गूगल पर भरोसा करना गढ्ढे में गिरने जैसी ही बात है.
जो लकड़ियां इन बाबाओं की शिकार हुई हैं अगर वे नियमित समाचारपत्र पढ़तीं तो उन्हें बाबाओं के बड़ेबड़े विज्ञापन तो देखने को मिलते लेकिन साथ ही बाबाओं के धोखे के समाचार भी पढ़ने को मिलते. दिल्ली प्रैस की पत्रिकाएं ‘मनोहर कहानियां’ और ‘सत्यकथा’ हर अंक में ऐसी सच्ची घटनाएं विस्तार से प्रकाशित करती हैं, जिन में धोखाधड़ी किस हद तक जा सकती है, स्पष्ट किया जाता है. गूगल की जगह छपा हुआ, संपादित किया हुआ, जिम्मेदार लोगों के हाथों से गुजरा हुआ ज्ञान पाना पहली सावधानी है. Finding Life Partner on Google





