Iran Houthi Relations: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ते ही यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियां भी तेज हो जाती हैं. यमन और सऊदी पर हूतियों का हमला सिर्फ यमन के गृहयुद्ध का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उनका सीधा संबंध ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते टकराव का नतीजा है. जब भी ईरान पर सैन्य या राजनीतिक दबाव बढ़ता है, हूती भी अलग-अलग मोर्चों पर हमले तेज कर देते हैं.
हूती संगठन, जिसे अंसार अल्लाह भी कहा जाता है, यमन का एक शिया विद्रोही समूह है. इसकी शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी, लेकिन 2014 में इसने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. तब से यह संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के खिलाफ लड़ रहा है.
अमेरिका, इजराइल और कई पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान हूतियों को हथियार, बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन तकनीक, प्रशिक्षण और आर्थिक मदद उपलब्ध कराता है. हालांकि ईरान इस तरह की प्रत्यक्ष सैन्य सहायता से इनकार करता है, लेकिन दोनों के बीच वैचारिक और राजनीतिक करीबी किसी से छिपी नहीं है.
हूती दरअसल ईरान के उस क्षेत्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं जिसे अक्सर “एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस” (प्रतिरोध धुरी) कहा जाता है. इस नेटवर्क में लेबनान का हिजबुल्लाह, इराक और सीरिया के कुछ ईरान समर्थक सशस्त्र समूह भी शामिल हैं. इन संगठनों का साझा उद्देश्य अमेरिका और इजराइल के प्रभाव का विरोध करना है.
यही कारण है कि जब भी अमेरिका या इजराइल ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ाते हैं, हूती लाल सागर, अदन की खाड़ी या यमन से मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर देते हैं. इससे विरोधी देशों को एक साथ कई मोर्चों पर सैन्य संसाधन लगाने पड़ते हैं और ईरान पर पड़ने वाला सीधा दबाव कुछ हद तक बंट जाता है.
हाल के महीनों में हूतियों ने लाल सागर से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाजों और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. इन हमलों का असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी पड़ा है, क्योंकि दुनिया के बड़े व्यापारिक मार्गों में से एक लाल सागर होकर गुजरता है. कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अपने जहाजों का रास्ता बदलना पड़ा, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों बढ़ गए.
यानी, हूतियों के हमलों को केवल यमन के गृहयुद्ध के नजरिए से नहीं देखा जा सकता है. वे अब पश्चिम एशिया की व्यापक शक्ति-संघर्ष की राजनीति का हिस्सा बन चुके हैं, जहां ईरान, अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रहा है. Iran Houthi Relations





