Cockroach Janata Party: जंतर-मंतर के साथ देश के कोने कोने में जारी प्रदर्शन को खत्म करवाने के लिए मोदी सरकार में सबसे बड़ा मंथन जारी है. प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाने के बाद अब सरकार की समझ में आ गया है कि कॉकरोचों को डंडों से कुचला नहीं जा सकता है. देश में ही नहीं, कई अन्य देशों में भी मोदी सरकार के खिलाफ भारतीय कॉकरोचों के प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं. इससे डर कर आखिरकार सरकार उनकी मांगों को मानने के लिए मजबूर दिख रही है.
कल रात सरकार ने अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिल कर मान-मनौवल और आश्वासनों के जरिये उनका अनशन खत्म करवाया. नीट समेत कई मुद्दों पर सरकार से लिखित आश्वासन वांगचुक को सौंपा है. और आज सरकार के दो मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रतिनिधियों – सौरभ दास और आशुतोष रांका से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बातचीत की. हालांकि ये बातचीत महज 10 मिनट की थी मगर सरकार ने सीजेपी की दो शर्तों को तुरंत मान लिया है.
पहला – छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाएगी और दूसरा – नीट पेपर लीक के बाद जिन छात्रों ने हताशा में आत्महत्या कर ली, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपया मुआवजे के रूप में दिया जाएगा.
सरकार के साथ बैठक के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, ‘सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है. हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी.
इसके साथ ही कैबिनेट मीटिंग में कानूनी प्रक्रिया को लेकर मसौदे पर चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद 27 जुलाई 2026 को सरकार संसद के पटल पर बिल पेश करेगी. सरकार का कहना है कि पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानूनी एक्शन की तैयारी है. फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट इन मामलों को सुनेगी और 3 महीने के अंदर फैसला आ जाएगा और दोषी को सजा सुना दी जाएगी. नए कानून के अनुसार अगर कोई व्यक्ति पेपर लीक का दोषी पाया जाता है तो उसे 10 साल तक की जेल होगी. इसके साथ ही 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान होगा. Cockroach Janata Party





