Sexual Abuse Case: पुणे पुलिस ने 18 जून, 2026 को खुद को भगवान का अवतार बताने वाले ढोंगी बाबा राधामोहन मिश्रा उर्फ राधेश्याम मिश्रा और उस के 7 सहयोगियों को यौनशोषण, ब्लैकमेलिंग और अमानवीय प्रताडऩा के आरोपों में गिरफ्तार किया है. यह आरोप पुणे के वाघोली (उबले नगर) इलाके में काफी सालों से ‘मौडर्न गुरुकुल’ नाम से एक आध्यात्मिक केंद्र/आश्रम संचालित कर रहा था.

इस केस के मामले में तब पता चला, जब एक पीडि़त महिला जो उच्चशिक्षित व डौक्टर परिवार से थी, उस ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि वह पिछले 15 सालों से इस ढोंगी बाबा की अमानवीय प्रताडऩाएं सह रही थी. पीडि़त महिला ने आरोप लगाया कि उसे मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताडि़त किया जाता था. विरोध करने पर उसे बिजली के झटके दिए जाते थे, यहां तक कि बाबा का मूत्र पीने के लिए विवश किया जाता था.

इस ढोंगी बाबा ने कथित तौर पर महिला का ब्रेनवाश कर के उसे उस के पति से तलाक लेने पर मजबूर किया और उस की संपत्ति व गहने भी हड़प लिए. महिला के निजी और आपत्तिजनक वीडियो बना कर उस को कई वर्षों तक ब्लैकमेल किया गया. आश्रम में अनुयायियों पर मनोवैज्ञानिक नियंत्रण रखने के लिए डर का माहौल बनाया जाता था. इस ढोंगी बाबा का कथित आश्रम ‘मौडर्न गुरुकुल’ नहीं बल्कि एक ‘हाईटेक कल्ट सेंटर’ था. पुणे पुलिस ने जब वाघोली स्थित इस तथाकथित आश्रम में छापा मारा तो वहां का असली सच देख कर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए थे.

पूरा आश्रम सीसीटीवी कैमरों से लैस था ताकि कोई भी पीडि़ता अथवा अनुयायी बाहर न भाग सके और किसी से संपर्क न कर सके. इस आश्रम के भीतर एक गुप्त सुरंग भी बनाई जा रही थी, जिस का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाना था. पुलिस को आश्रम से सैकड़ों संदिग्ध दवाइयों की शीशियां भी मिली हैं. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या अनुयायियों/पीडि़ताओं को सुस्त या अचेत रखने के लिए नशीली दवाइयां दी जाती थीं.

इस तथाकथित आश्रम से किसी भी प्रकार की धार्मिक या आध्यात्मिक सामग्री के बजाय पुलिस को भारी मात्रा में इलेक्ट्रौनिक गैजेट्स और अवैध कारतूस बरामद हुए. इस के अलावा 12 लैपटाप, 19 हार्डडिस्क और 23 पेन ड्राइव भी बरामद हुए हैं. पुलिस का मानना कि इन में कई महिलाओं के आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो रिकौर्ड किए गए हैं, जिन का इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल करने और चुप रखने के लिए किया जाता था.

59 वर्षीय ढोंगी बाबा राधामोहन मिश्रा ने अपने आप को ईश्वर का अवतार घोषित कर रखा था. वह सीधेसादे लोगों विशेषकर उच्चशिक्षित और आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों को अपना निशाना बनाता था. अपने अनुयायियों को डराने के लिए वह माइंड रिपोर्ट जैसी मनोवैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करता था, जिस से लोग मानसिक रूप से पूरी तरह उस के गुलाम बन जाते थे. आश्रम में 10 जिंदा कारतूस मिलने से बाबा के आपराधिक और डरानेधमकाने वाले नेटवर्क का भी सच सामने आया है.

इस केस का एक सब से चौंकाने वाला एक और सच भी सामने आया है कि यह ढोंगी बाबा अकेले यह अपराध नहीं कर रहा था. पुणे पुलिस ने बाबा राधामोहन मिश्रा और उस के मुख्य साथी केवल नयन के साथ 6 अन्य महिला सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है. ये सभी 6 महिलाएं आश्रम में आने वाली अन्य सभी महिलाओं पर पैनी नजर रखती थीं. बाबा की मौजमस्ती करने के लिए महिलाओं का ब्रेनवाश करती थीं और प्रताडऩा देने में बाबा का सहयोग करती थीं.

पुणे पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत बलात्कार, जबरन वसूली, आपराधिक साजिश और महाराष्ट्र के जादूटोना विरोधी कानून के तहत पुख्ता केस दर्ज किया है. पुणे पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के शिकार कई और लोग भी हो सकते हैं, जो बदनामी के डर से सामने नहीं आ रहे हैं.
फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है और पुणे पुलिस डिजिटल सबूतों की फोरैंसिक जांच करवा रही है.

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लेखक – नवीनचंद्र पोखरियाल

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