British Woman: ब्रिटेन की रहने वाली एक औरत ने दावा किया है कि भारत यात्रा के बाद उनके शरीर में टेपवर्म का संक्रमण हुआ और बाद में उनके दिमाग़ में 38 परजीवी पाए गए. डॉक्टरों ने इसे न्यूरोसिस्टिसरकोसिस नाम की बीमारी बताया. हालाँकि यह साबित नहीं हुआ है कि ब्रिटिश महिला को दिमागी संक्रमण भारत में ही हुआ था लेकिन अगर यह सच है तो इस घटना से भारत के हेल्थ केयर सिस्टम, पोल्लुशन और गंदगी से भरे वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

किसी भी सरकार की जिम्मेदारी होती है कि लोगों को साफ़ पीने का पानी मिले, खाना हेल्दी हो, खुले में गंदगी न फैले और सीवर व्यवस्था ठीक हो. जहाँ यह व्यवस्थाएं गड़बड़ाती हैं वहां टाइफाइड, हैजा, हेपेटाइटिस, डायरिया और परजीवी संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. भारत के कई इलाकों में आज भी साफ पानी की कमी है. हाईजीन मेंटेन करने वाले नियम कमजोर है. सड़क किनारे बिकने वाले फूड की जांच नहीं होती. लगभग हर शहर में सीवर और कचरे की व्यवस्था बेहद खराब है. गरीब इलाकों का हेल्थ केयर सिस्टम तो लगभग दम तोड़ चुका है.

अगर इस घटना को गलत मान भी लिया जाये तो भी सरकार को टूरिज्म बढ़ाने के साथ-साथ पब्लिक हेल्थ केयर, साफ सफाई और पोल्लुशन कंट्रोल की व्यवस्था पर ध्यान तो देना ही होगा क्योंकि किसी भी देश का मूल्यांकन इसी आधार पर होता है कि वह अपने नागरिकों को कितना सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करा पाता है. अगर नागरिक ही सुरक्षित नहीं तो टूरिस्टों के लिए सेफ इंडिया कैसे संभव है? हम खुद गंदे जानवरों की तरह रहने के आदी हैं और हर 100मीटर पर एक मंदिर बना कर सोचते हैं कि दुनिया में सबसे महान “शुद्ध” देश हैं. British Woman

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