GST Collection: रमेश तलवार निर्देशित साल 1984 में प्रदर्शित फिल्म `दुनिया` थी तो पूरी तरह मसाला मूवी जिसका दिलीप कुमार से कहलवाया एक डोयलोग तब बहुत मशहूर हुआ था,`ये जिस्म बहुत कमजोर चीज है, ये जितनी तकलीफ बर्दाश्त कर सकता है, तकलीफ उससे ज्यादा दी जा सकती है`. फिल्म का मकसद दर्जन भर नामी और दिग्गज सितारों के दम पर पैसे कमाना था जिसमें वह कामयाब रही थी.
यही हाल 2017 में लागू की गई जीएसटी का है. सरकार इससे, उससे ज्यादा मुनाफा कमा रही है जितना कि इससे कमाया जा सकता था. दूसरे लफ्जों में कहें तो. व्यापारी नहीं असल में जनता उससे कहीं ज्यादा टेक्स देने मजबूर हैं जितना वे दे सकते हैं. जीएसटी से ताल्लुक रखती रुटीनी ताज़ी खबर यह है कि जून 2026 में देश के ग्रास जीएसटी कलेक्शन में 13.9 फीसदी का जोरदार उछाल दर्ज किया गया. यह कलेक्शन 1 ,94 ,812 करोड़ हो गया है जो कि पिछले यानी मई के महीने में 1.71 लाख करोड़ रु था.
वित्त मंत्रालय के`अ(न)र्थशास्त्र` की मार झेल रहे महंगाई से त्रस्त और कराहते आम लोगों के लिए इस खबर के कोई माने नहीं हैं. लेकिन गोदी मीडिया ने इसे यों प्रचारित किया मानो सरकार ने चीन से अक्साई चिन खाली करा लिया अब राहतों और सस्ताई की बरसात होने बाली है. अब भला कौन लोगों को यह दो टूक हकीकत समझाए कि इस 13.7 फीसदी बढ़ोतरी का मतलब यह है कि सरकार उनका पहले से ज्यादा खून चूस रही है क्योंकि पिछले एक साल में न तो देश की जीडीपी इतनी बढ़ी है और न ही लोगों की आमदनी में इस तरह का इजाफा हुआ है.
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