Mount Everest Record: कामी रीता की उम्र 55 साल है और उन्होंने 1994 में पहली बार एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी. यानी 31 साल में 32 बार शिखर पर पहुंचे. मतलब लगभग हर साल एवरेस्ट को फतह किया. 2023 और 2024 में तो वे एक सीजन में 2 बार चढ़े. कामी रीता कहते हैं कि उन्होंने कभी रिकौर्ड के लिए चढ़ाई नहीं की. 1992 में एवरेस्ट अभियानों पर सहायक स्टाफ के तौर पर कैरियर शुरू किया. आज भी वे ‘14 पीक्स एक्सपेडिशन’ के जरिए विदेशी क्लाइंट्स को गाइड कर के चोटी पर ले जाते हैं. उन का मकसद पैसा कमाना और परिवार पालना है, रिकौर्ड तो अपनेआप बनते चले गए.
कामी रीता के नाम 8000 मीटर से ऊंची चोटियों पर 44 बार चढ़ने का रिकौर्ड है. इस में चो ओयू 8 बार, मनास्लु 5 बार, K2 और ल्होत्से 1-1 बार शामिल हैं. यानी सिर्फ एवरेस्ट नहीं, हिमालय की हर खतरनाक चोटी उन के कदमों के नीचे आ चुकी है. कामी रीता ने अप्रैल 2026 में कहा था कि “यह एवरेस्ट की मेरी आखिरी कोशिश हो सकती है. मैं 55 का हूं. 2026 के बाद एवरेस्ट चढ़ाई से रिटायर हो जाऊंगा, पर ट्रेकिंग और एडवेंचर करता रहूंगा”
जिस दिन कामी रीता 32वीं बार चढ़े, उसी दिन नेपाल की ल्हाकपा शेरपा ने भी 11वीं बार एवरेस्ट फतह कर लिया. ल्हाकपा एवरेस्ट चढ़ने वाली पहली नेपाली महिला हैं और महिला वर्ग में सब से ज्यादा बार चढ़ने का रिकौर्ड उन के नाम है. वे सुबह 9:30 बजे शिखर पर पहुंचीं. जनवरी 1970 में सोलुखुम्बु जिले के थामे गांव में जन्म हुआ. घर की माली हालत खराब थी इसलिए कम उम्र में ही पोर्टर का काम शुरू किया. 1994 में पहली बार एवरेस्ट फतह किया आज उन्हें ‘एवरेस्ट मैन’ कहा जाता है. नेपाल पर्यटन विभाग ने कहा: “यह नेपाल के पर्वतारोहण इतिहास में एक और मील का पत्थर है”
एक ही पहाड़ पर एक दिन में 2 वर्ल्ड रिकौर्ड कायम करने वाले वह दुनिया के पहले इंसान बन गए हैं. एवरेस्ट बेस कैंप से मिली खबर के बाद पूरी दुनिया में कामी रीता की चर्चा है. 32 बार 8,849 मीटर की ‘डेथ जोन’ पार करना इंसानी हिम्मत की मिसाल है. जहां औक्सीजन लेवल सिर्फ 33 फीसदी और तापमान -40 डिग्री हो बर्फीले तूफान का भी खतरा हो वहां से कामी रीता 32 बार लौट कर आए हैं. कामी रीता ने साबित किया है की जुनून और मेहनत हो तो कोई भी चोटी नामुमकिन नहीं. नेपाल के यह एवरेस्ट मैन अब भले ही रिटायर हो जाएं, पर उन का 32 बार एवरेस्ट विजय का रिकौर्ड तोड़ना नए पर्वतारोहियों के लिए एक बड़ा चैलेंज जरूर बन गया है.





