Importance of Thank You: कई बार हम कृतज्ञता व्यक्त करने में कंजूसी दिखाते हैं, किसी को धन्यवाद देने के लिए भी हम कई बार सोचते हैं. ‘थैंक यू’ कहना भूल जाना या नजरअंदाज करना असभ्य या एहसानफरामोश माना जाता है. ऐसा करना सामने वाले पर आप की नकारात्मक छवि पेश करता है. जब भी कोई आप की मदद करे भले वह काम छोटा या बड़ा और मदद करने वाला घर का हो या बाहर का, उसे दिल खोल कर धन्यवाद या थैंक यू कहना न भूलें. भला धन्यवाद, थैंक यू या शुक्रिया देने, कहने में कंजूसी कैसी?

जब कोई आप को उपहार देता है या किसी चीज के लिए आप की प्रशंसा करता है या मदद करता है तो आप का ‘धन्यवाद,’ ‘थैंक यू’, ‘शुक्रिया’ बोलने कहने की आदत आप के प्रतिदिन के शिष्टाचार में शामिल हो सकती है. आप की यह आदत मदद करने वाले के दिल में आप के प्रति इज्जत को कई गुना बढ़ा देती है, साथ ही, आप का अपनत्व व प्यार से बोला गया छोटा सा वाक्य ‘थैंक यू’ आप को हरदिल अजीज भी बना देता है.

आप की यह आदत 2 अनजान व्यक्तियों के भीतर या घर के परिजन, जैसे मातापिता, आप का पार्टनर, बच्चे, कामवाले कोई भी जिन्होंने आप की किसी काम में मदद की हो उन के अंदर कृतज्ञता का भाव विकसित कर सकती है. इस के बावजूद हम थैंक यू, धन्यवाद, शुक्रिया जैसे शब्द को बोलने में अकसर थोड़ी कंजूसी कर जाते हैं जबकि इसे बोलने में केवल एक सैकंड का वक्त लगता है.

हम किसी की सराहना करने के अलगअलग तरीके जानते हैं. लेकिन धन्यवाद, थैंक यू, शुक्रिया कहना एक पारंपरिक तरीका है. किसी का भी आभार व्यक्त करने के लिए हम इन तरीकों को अपना सकते हैं.

यों कहें- थैंक यू : आंखों में आंखें मिलाते हुए मुसकरा कर साफ और दोस्ताना अंदाज में थैंक यू कहें, आमनेसामने बोल कर स्पैशल नोट, कार्ड या लैटर के जरिए भी ‘थैंक यू’ बोल सकते हैं.

एकदम सिंपल और मधुर हो : किसी को धन्यवाद देना अपनेआप में बहुत बड़ा काम है. ‘धन्यवाद’ कहने के लिए उन के द्वारा किए गए अच्छे काम की तारीफ करना और खुद को हर मायने में कम आंकना, कई बार कुछ ज्यादा हो जाता है, और शायद आप जिस व्यक्ति को धन्यवाद देने की कोशिश कर रहे हैं उसे शर्मिंदा भी कर सकते हैं, इसलिए आप के आभार को एकदम सादा, सार्थक और मधुर ही रहने दें यानी ओवररिऐक्ट से बचें.

धन्यवाद में दर्शाएं सच्चाई : जब भी आप किसी को उस की मदद के लिए धन्यवाद दे रहे हों तो ऐसा न लगे कि आप से यह जबरदस्ती करने के लिए कहा गया है. आप को सिर्फ इस वजह से किसी को धन्यवाद कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप से ऐसा करने को कहा गया है या फिर आप को लगा कि यह बोलना जरूरी है. झूठा आभार एकदम स्पष्ट और अनुचित होता है और इसे आसानी से पहचान भी लिया जाता है. अपने हावभाव और बोलने के लहजे से दिखाएं कि आप किसी को इसलिए धन्यवाद कहने जा रहे हैं क्योंकि आप उस के द्वारा किए गए काम के लिए दिल से उस के शुक्रगुजार या एहसानमंद हैं.

लिखें थैंक यू नोट या कार्ड : जब आप की मदद करने वाला बाहर हो या किसी ने आप को कोई कीमती उपहार भेजा हो तब सामने से या फोन पर या मेल से धन्यवाद देना काफी नहीं होता. ऐसे में एक लिखा हुआ ‘धन्यवाद नोट’ या कार्ड, उन के द्वारा किए हुए अच्छे काम या मदद का आभार व्यक्त करने का अच्छा और प्रभावशाली तरीका होता है. यदि आप इंटरनैट पर उपलब्ध रेडीमेड कार्ड का उपयोग करें तो असली नोट या कार्ड के जितनी अच्छी भावनाएं और सच्चाई व्यक्त नहीं होगी जोकि आप के द्वारा लिखी हुए शब्दों से होंगी.

ध्यान रखें, ‘धन्यवाद नोट’ चाहे जिस भी फौर्मेट में हो, इस में आप के द्वारा ‘धन्यवाद’ दिए जाने की वजह का विवरण संक्षिप्त, स्पष्ट और अच्छी तरह से किया जाना चाहिए यानी कम से कम शब्दों में आप का आभार या धन्यवाद व्यक्त हो सके. धन्यवाद देने को किसी और से न कहें : जब किसी को देना हो धन्यवाद, तो खुद ही दें, किसी और को आप की तरफ से किसी के लिए ‘धन्यवाद’ नोट भेजने या देने को न कहें, आप यह काम खुद करें, भले ही थोड़ी देर हो जाए.

धन्यवाद देना उन के लिए जो अच्छे न लगते हों : कई बार ऐसे लोगों को भी आभार देना पड़ता है जो आप को पसंद न हों या उन्होंने आप के साथ अच्छा बरताव न किया हो, तब गांठ बांध कर न बैठें, तब आप को धन्यवाद देना कितना भी कठिन ही क्यों न लगे लेकिन फिर भी आप को उन लोगों के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त करना होगा जिन्होंने आप को दुखी किया हो या जो आप को अच्छे न लगते हों.

जब देना हो धन्यवाद घर के लोगों को : घर के सभी परिजन, जैसे मातापिता, आप का पार्टनर, बच्चे, कामवाले, नौकर आदि कोई भी जिन्होंने आप की किसी काम में मदद की हो उन्हें धन्यवाद देना न भूलें. उन के प्रति भी अपनी कृतज्ञता को जरूर अभिव्यक्त करें. यह न सोचें कि ये तो घर के हैं, इन्हें क्या धन्यवाद देना. इसलिए धन्यवाद देना अपनी आदत का हिस्सा बनाएं.

जब देना हो धन्यवाद उन को जिन्हें आप न जानते हों : कई बार ऐसे लोगों को भी धन्यवाद देना हमारा कर्तव्य हो जाता है जो आप के लिए अपरिचित हों जिन्होंने आप को किसी रैस्तरां में खाना सर्व किया हो, आप के लिए कार का गेट खोला हो या फिर कुछ और किया हो या घर के बाहर किसी मुसीबत या परेशानी में आप की मदद की हो. उन्हें धन्यवाद देना न भूलें. उन के प्रति भी अपनी कृतज्ञता को जरूर अभिव्यक्त करें. येयहन सोचें कि इन्हें क्या धन्यवाद देना ये तो इन का काम है और अब दोबारा इन से मुलाकात भी न होगी.

धन्यवाद देने के फायदे : आभार प्रकट करने के दौरान आप के विचारों में सकारात्मकता आती है, जिस से मन शांत एवं स्थिर होता है. परिणामस्वरूप, आप की नींद और बेहतर होती है. लोगों के प्रति कृतज्ञता का अर्थ है उन के लिए विश्वास, आदर व प्रेम विकसित करना. इन भावनाओं को जब आप लोगों से व्यक्त करते हैं तब लोगों के मन में आप के लिए यही भावना पनपती है, जिस से संबंध बेहतर बनते हैं.

जब आप शुक्रिया अदा करते हैं उन का जिन्होंने आप को परेशानी से बाहर निकालने में आप की मदद की हो तब आप का मन उन घटनाओं को याद कर खुश होता है. इस से तनाव दूर होता है और आप अधिक सकारात्मक बनते हैं. किसी को धन्यवाद देने से खुशी मिलती है और आप सामने वाले को भी खुश करते है. इस से हैप्पी हार्मोन का स्तर बढ़ता है और तनाव कम होता है. Importance of Thank You

 

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