Gen Z Movement: जेन जी की जनता कौकरोच पार्टी का बनना और जमीन पर नहीं मगर सोशल मीडिया पर ही छा जाना एक रिवोलूशनरी बात है. अभिजीत तिडके द्वारा इंस्टाग्राम अकाउंट पर बनाई गई इस पार्टी को ग्राउंड सपोर्ट तो कुछ नहीं है पर सोशल मीडिया में एक्स, फेसबुक, यूट्यूब वगैरह पर यह करोड़ों युवाओं की देश की सैड से सैडर होती जा रही हालत के लिए एक वार्निंग है.

भारतीय जनता पार्टी की कोर स्ट्रैंग्थ अपर कास्ट के यूथ हैं जो पहले कांग्रेस के करप्शन के मामलों से चिढ़े हुए थे और फिर जिन्हें मौजमस्ती करने के लिए हिंदू धर्म का नाचगाना पकड़ाया गया था. अब यह छिटक रहा है और फ्रस्ट्रेट हो कर कौकरोच जनता पार्टी में जा रहा है. कई मामलों में सरकार का पक्ष लेने वाले चीफ जस्टिस औफ इंडिया सूर्यकांत की एक वकील को कौकरोच कहने से बौखलाई और गुस्सा हुई जेनरेशन जी पीढ़ी धमाका करने की प्लानिंग कर रही है और सोशल मीडिया पर तो कोई इसे अपोज तक नहीं कर पा रहा है.

जमीन पर जब भी यह पार्टी बंगलादेश या नेपाल की तरह उतरेगी तो क्या होगा, यह मालूम नहीं. भाजपा पिछले सालों में हर मामले में अनलाफुल एक्टीविटीज प्रिवैंशन एक्ट (यूएपीए), एनआईए, पुलिस, सीआरपीएफ आदि सब को यूज करती रही है. सीजेपी यानी काकरोच जनता पार्टी को कुचलने के लिए भाजपाई सरकार वह सब कर सकती है जो इंदिरा गांधी ने 1975 में बिहार से पैदा हुई युवा क्रांति को कुचलने के लिए किया था.

सरकार आजकल अपनी ग्राउंड फोर्स पर इतना फेथ रखती है कि वह हर तरह का रिस्क ले सकती है, ठीक वैसे ही जैसे रूस के व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला कर उसे दोचार दिनों में रूसी एंपायर में मिला लेने का प्लान बनाया था या फिर डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिल कर ईरान के सीनियर लोगों को अचानक एयर अटैक से मार कर ईरान को घुटने टेकने का प्लान बनाया था.

कौकरोच ऐसे ही पैदा हुए नहीं हैं. 50 लाख स्टूडैंट्स मईजून में पेपर लीक्स को ले कर शैटर्ड हैं. 24 लाख नीट के एग्जाम को दोबारा दे रहे हैं, 17 लाख सीबीएसई की पेपरचैंकिग के घपले से अधर में लटके हुए हैं. 16 लाख क्यूट कालेज एंट्रेस एग्जाम के बारे में श्योर नहीं हैं. 30 साल से कम के 20 फीसदी यूथ ग्रेजुएट अनएंपलौयड हैं, फीमेल यूथ और भी बुरी हालत में हैं.

देश में बढ़ रहे गिग वर्कर्स जो औनलाइन डिलीवरी करते हैं, उबर चलाते हैं, कूरियर कंपनियों में काम करते हैं, गवर्नमैंट कौन्ट्रैक्टरों के पास डेली वेजेस पर काम कर रहे हैं जिस में जौब सिक्योरिटी नहीं, सैटिस्फैक्शन नहीं है, पैसा इतना भी नहीं मिल पाता कि किराए पर कमरा ले कर पेरैंट्स से लग रह सकें, 20-30 वर्ष के होने पर भी वे पेरैंट्स पर डिपेंडैंट हैं और रोज उन की खटपट होती है.

कौकरोच जनता पार्टी में जो लाखों लोग जुड़े हैं वे सरकार की 2 धमकियों के आगे बिलों में घुस जाएंगे या सड़कों पर डटे रहेंगे, पता नहीं. देश की सत्ता पर काबिज भाजपा ने अपने पार्टी वर्कर्स को सीजेपी के आंदोलन को डिसरप्ट करने के लिए अपना प्लान बना लिया है और भड़काने वाले मैसेज भी आने लगे हैं जिन के सहारे सिडीशन का चार्ज लगा कर इस मूवमैंट को बैन किया जा सकता है.

मुसीबत यह है कि यह कौकरोच जनता पार्टी उस समय बनी है जब पैट्रोल, डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, रुपया गिर रहा है, सोना विदेशों में बेचा जा रहा है, खाड़ी के देशों में काम कर रहे 1 करोड़ भारतीयों का आज और कल अधर में लटका है, गैस की किल्लत घरों को गरम खाना नहीं दे रही, ड्रग्स प्रौब्लम सिर उठा रही है, सरकार का बजट बैलेंस बिगड़ रहा है, सैंसेक्स गिर रहा है. सरकार के पास अब हिंदूमुसलिम करने की गुंजाइश भी कम ही बची है क्योंकि राम मंदिर तो बन चुका है.

हजारों साल पुराने धर्म को अपना टूल बना कर 21वीं सैंचुरी का राज करना कास्ट सुप्रीमेसी के लिए चाहे अच्छा हो पर यह यूथ को सैटिस्फाई नहीं कर सकता क्योंकि पिछले 50 सालों में एजुकेशन सिस्टम ने कास्ट को सिर्फ शादी तक लिमिट कर दिया है. यूथ को इस इशू पर बात सिर्फ पेरैंट्स को समझाने के लिए करनी पड़ती है. कौकरोचों की कोई कास्ट नहीं होती और इस में यानी सीजेपी में सब शामिल हो रहे हैं.

कौकरोच जनता पार्टी या कहें कि कौकरोच मूवमैंट यूथ एंगर का सिंबल है. यह न राज करना चाहती है, न कर सकती है. यह तो मैसेज है एल्डर जेनरेशंस को कि आप अपना तौरतरीका बदलो और ‘कौकरोचों’ को समझो, उन की सुनो, कंट्री का मैनेजमैंट सही करो.

ऐसा नहीं है कि एल्डरली जेनरेशन यंग जेनरेशन के खिलाफ है. प्रौब्लम यह है कि एल्डरली जेनरेशन का मुंह आज बंद हो कर रह गया है क्योंकि प्रिंट मीडिया सरकार ने खरीद लिया और सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ सैंसरशिप लागू की जा रही है. कौकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बंद किया जाना सत्ता के कृत्य की एक निशानी है. Gen Z Movement

 

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