अगर आप अपनी उंगली में हीरा पहनते हैं और उसमें कोई खामी हो तो इसके लिए आप अपने स्वंय को या अपने साथी को दोष न दें. क्योंकि हो सकता है कि आप भविष्य में इस बात पर शान दिखाएं कि आपकी उंगलियों पर आप का सारा डेटा स्टोरेज है.

साइंस अडवांसेज में पब्लिश हुए एक पेपर के मुताबिक लंबे समय तक डेटा स्टोरेज के लिए हीरे का इस्तेमाल किया जा सकता है. अभी चावल के दाने से भी छोटा हीरा किसी डीवीडी से सौ गुना ज्यादा डेटा स्टोर कर सकता है. भविष्य में, संभव है कि वैज्ञानिक हीरे का इस्तेमाल डीवीडी से लाखों गुना ज्यादा डेटा स्टोरेज के लिए करने लगें. आजकल पूरी दुनिया में हम लोग सेल्फी लेने से लेकर क्रेडिट कार्ड स्वैप करने तक भारी संख्या में डेटा जेनरेट कर रहे हैं. वैज्ञानिकों ने इस डेटा को स्टोर करने के लिए डीएनए, होलोग्राम, मैग्नेटिक टेप और कई तरीकों पर विचार किया है. इसके साथ ही, वैज्ञानिकों ने क्वांटम डेटा स्टोरेज का भी सुझाव दिया है जो एक तरह से टेलिपोर्टेशन जैसा है.

हीरा के बीचोंबीच एक एटॉमिक साइज की खामी होती है जिसे नाइट्रोजन वैकेंसी सेंटर कहते हैं. यह खामी कभी-कभी नाइट्रोजन एटम कार्बन स्ट्रक्चर के बीच बिखरने से बनती है. नाइट्रोजन के पास से एक कार्बन एटम को हटा कर डेटा के लिए जगह बनाई जा सकती है. इस पर रिसर्च करने के लिए अमेरिका की सिटी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने दागी हीरे का प्रयोग किया जो लगभग 150 डॉलर का होता है.

हालांकि, डीवीडी की तरह यहां भी डेटा रीड करने के लिए लाइट का इस्तेमाल किया गया लेकिन यह उससे थोड़ा अलग है. इस विषय पर स्टडी करने वाले जैकब हेन्शॉ ने कहा, 'एक डीवीडी दोआयामी (2D) पहेली की तरह होती है जबकि डायमंड तकनीक में 3D मॉडल की तरह है. 

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