विश्व मानचित्र पर दुबई की अहमियत एक ऐसे मुल्क के रूप में है जो एक ओर आधुनिकता का जामा ओढ़े हुए है तो दूसरी ओर अपनी प्राचीन संस्कृति व ऐतिहासिक धरोहरों को अपनेआप में समेटे हुए है. यही वजह है कि यह मुल्क आज पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन गया है.

हराभरा, आकर्षणों से भरपूर दुबई, जो कुछ सालों तक शून्यता से भर गया था, बेकारी की दर जहां दिनोंदिन बढ़ती जा रही थी, लोग नौकरियां छोड़ कर वापस आ रहे थे, कई लोग अपनी गाड़ी में ही रात गुजारते थे, किसी को कुछ रुपए दे कर उस के घर में नहाधो कर फिर से अपने काम में लग जाते थे, वही दुबई आज फिर से शेख मोहम्मद साहब के अथक परिश्रम व दूरदर्शिता से बुलंदी पर पहुंच गया है. आज दुबई का हाल यह है कि वह अपने ही बनाए आंकड़ों को चुनौती दे कर आगे बढ़ रहा है. इस में कोई शक नहीं कि विश्वभर के लोगों का आकर्षण पहले भी दुबई था और आज भी है.

दर्शनीय स्थल

दुबई में आने वाले हर सैलानी को बर्फानी स्थल देख कर सुकून मिलता है. इमरेट्स औफ भौरा के अंदर के इस बर्फीले स्थल में पहुंच कर सैलानी को कुछ पल के लिए ऐसा महसूस होता है कि वह या तो कश्मीर के गुलमर्ग क्षेत्र में पहुंच गया है या फिर स्विट्जरलैंड. इस बर्फानी स्थल में जाने के लिए विशेष कपड़े, टोपी इत्यादि पहनने पड़ते हैं. वहां पर अकसर कई लोग छोटेमोटे कार्यक्रम जैसे जन्मदिन या छोटीमोटी पार्टी आदि भी करते हैं. स्केटिंग का लुत्फ भी वहां उठाया जाता है.

समुद्र में बने होटल बुर्ज अरब के 27वें फ्लोर पर जा कर सैलानी पूरे दुबई को देखने के साथसाथ वहां की साजसज्जा व विभिन्न कार्यक्रम देख कर आनंद महसूस करता है.

उम अल्क्वेन

उम अल्क्वेन में हर उम्र के लोगों के लिए खेल हैं. पानी में तरहतरह के खेलों का आनंद बच्चे, बूढ़े और जवान जीभर कर उठाते हैं. हर पानी के खेल में सिक्योरिटी वाले खड़े रहते हैं. इन खेलों में सलवारकुरता या साड़ी पहन कर जाना मना है. कोई भी सैलानी जिस्म से चिपकी टीशर्ट, जींस या हाफ पैंट पहन कर ही इन खेलों में शामिल हो सकता है.

आभूषणों की मंडी  : दुबई में आने वाले हर सैलानी को डेरा दुबई और गोल्ड सूक में सोने के आभूषणों की मंडी आकर्षित करती है. कई पर्यटक इसे देखते ही रह जाते हैं.

दुबई में आधुनिक से आधुनिक व कई देशों के बने डिजाइनों के आभूषण उपलब्ध हैं. अमेरिकी हो या अफगानी, बंगाली हो या राजस्थानी, यहां सभी को अपनी रुचि के अनुसार आभूषण मिल जाते हैं.

दुबई के सोने की विशेषता है कि सैलानी को खरा सोना निर्धारित दाम में मिलता है. वहां 22 कैरट का सोना एकदम 100 फीसदी 22 कैरट का होता है, कोई मिलावट नहीं होती जबकि अन्य देशों में सोने के साथ अमूमन तांबा या अन्य कोई धातु मिलाई जाती है.

दुबई में सोने के आभूषण खरीदते समय यदि सैलानी आभूषण की बनवाई पर मोलभाव करे तो उसे फायदा हो सकता है. हालांकि वहां मोलभाव का प्रचलन नहीं है फिर भी दुकानदार ग्राहक को बनवाई में थोड़ाबहुत कम कर देते हैं.

भव्य मौलों का शहर : दुबई में एक से एक बड़े और भव्य मौल हैं. ‘मौल औफ अमीरात’ सब से बड़ा मौल है. इस के अलावा बरजुमान, लैम्सी प्लाजा, बुर्ज खलीफा, अजमान आदि में अनेक भव्य मौल बने हुए हैं, जहां आप को दुनिया के हर ब्रैंड का कपड़ा व चीजें मिलेंगी, पुरुषों के सूट यों तो रेडीमेड मिल जाते हैं पर और्डर देने पर 3 घंटे में भी तैयार कर दिए जाते हैं. मेकअप का सामान हो या घरगृहस्थी का, घड़ी हो या चप्पल या फिर पर्स, हर ब्रैंड का सामान यहां मिलता है.

मौल्स के अतिरिक्त कुछ ऐसे बाजार भी हैं जहां सस्ता व हर तरह का सामान हर तबके का व्यक्ति खरीद सकता है. जैसे डेरा दुबई इलाके के ऊंट बाजार में बच्चों के कपड़े, खिलौने, महिलाओं के मेकअप का सामान, पर्स आदि सस्ते दामों में मिल जाते हैं. डेरा बाजार में कपड़ों का बाजार है जहां होलसेल और रिटेल दोनों दामों पर कपड़े मिलते हैं.

चाइनीज मार्केट में चीन का बना छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा हर तरह का सामान मिलता है, इन का मूल्य भी कम होता है. ‘केअरफोर’ यहां का बहुत बड़ा मौल है जहां खानापीना, कपड़ा, घर का सामान, घड़ी, सोना सभीकुछ मिलता है.

ओपन बस का मजा : दुबई में ‘ओपन बस’ में बैठ कर आप पूरे शहर के पर्यटन स्थल घूम सकते हैं. इस बस के कई स्टौप हैं. आप किसी भी पर्यटन स्थल पर उतर कर अच्छी तरह से घूम कर फिर दूसरी ‘ओपन बस’ ले कर दूसरे पर्यटन स्थल का आनंद ले सकते हैं. टिकट वही रहता है. एक दिन का टिकट दूसरे दिन भी चलता है. जितने पर्यटन स्थलों का विवरण टिकट में लिखा होता है.

यह बस बरजुमान, करामा से शुरू होती है. म्यूजियम, अमीरात, मोल, बुर्ज अरब होटल, अरब के पुराने मकान, सब से लंबी बिल्ंिडग, जुमेरा आदि कई स्थलों से घुमाते हुए ले जाती है.

दुबई में ट्रांसपोर्ट के लिए आप कार्ड भी बनवा सकते हैं. यह ट्रांसपोर्ट कार्ड, बस या मैट्रो दोनों में चल जाता है.

मछलियों की दुनिया : दुबई की सब से ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा देखने लायक है. वहां ऊपर जाने में टिकट लगता है. वहां के हर फ्लोर पर आकर्षण के कई केंद्र हैं. उस के साथ ही मछलियों का ऐसा म्यूजियम है जहां हर तरह की व कुछ विशेष आकर्षण से युक्त मछलियां हैं, जिन्हें देख कर बच्चे ही नहीं, बड़े भी आनंदित होते हैं.

बिना ड्राइवर मैट्रो : दुबई की मैट्रो बिना चालक के औटोमेटिक चलती है. पूरे शहर में मैट्रो का जाल बिछा हुआ है. इस का किराया भी साधारण है. एक डब्बा प्रथम श्रेणी का होता है जिस में थोड़ा ज्यादा किराया होता है. हवाई जहाज की शक्ल की यह मैट्रो आकर्षण के साथसाथ सैलानियों को आनंदित भी करती है.

बालू के पहाड़ों में रोमांचक सफारी : दुबई में सफारी डेजर्ट का भी अपना अलग रोमांच है. पजेरो जैसी गाडि़यों में ड्राइवर बालू के विशाल पहाड़ों पर सैलानियों को ले जाते हैं. 3-4 घंटे की इस सवारी के समय वहीं पर खानापीना व अरबी नृत्यांगनाओं का नृत्य देखते हैं. खाने के साथसाथ जाम के दौर का भी प्रबंध होता है. नृत्यांगना बैली डांस करती हैं. कई सैलानी भी इन के साथ नृत्य करते हैं.

समुद्र में नौका विहार : दुबई में रात में ज्यादातर बड़ीबड़ी बोटों को सजाया जाता है. इस पर कई सैलानी दूर समुद्र की सैर करने के साथसाथ वहीं खानापीना भी करते हैं. डांस आदि के कार्यक्रम भी चल रहे होते हैं. समुद्र में इस तरह की कई बोटें चल रही होती हैं जो बहुत आकर्षित करती हैं. कई लोग इन्हीं बोटों पर जन्मदिन की पार्टियां आदि भी आयोजित करते हैं.

खूबसूरत इमारतों का शहर : दुबई में एक से एक खूबसूरत इमारतें हैं. पहलेपहल यहां मकान या फ्लैट खरीदना सिर्फ बड़े आदमियों की मिल्कीयत थी लेकिन अब कुछ दाम कम हो जाने के कारण कई लोगों ने एक कमरे का फ्लैट या 2 बैडरूम फ्लैट खरीद रखे हैं, जिस के लिए उन को वीजा भी मिलता है.

कैसे जाएं : दुबई जाने के लिए  अमीरात एअर लाइंस तो हमेशा से वीजा देती रही है. अब अन्य एअर लाइंस ने भी देना शुरू किया है. इस के अतिरिक्त दिल्ली, मुंबई में ऐंबैसी से भी वीजा प्राप्त किया जा सकता है. कई ट्रैवल एजेंट भी टिकट और वीजा मुहैया करा देते हैं.

मौसम : दुबई का मौसम यों तो ठीक ही रहता है लेकिन गरमियों में जून से ले कर अगस्त के आखिर तक बहुत गरमी होती है. बाकी समय खुशगवार मौसम रहता है.