सरिता विशेष

घुमंतू मिजाज के लोगों के लिए किसी भी स्थान पर जाना महज शौक या छुट्टियां बिताना ही नहीं रह गया है बल्कि वे ऐसी एकांत जगहों पर जाने की तलाश में रहते हैं, जहां पर्यटकों की आवाजाही कम हो, क्योंकि ऐसी जगहों के बारे में वे खुद नईनई बातें जानने के इच्छुक रहते हैं. हम बात कर रहे हैं देशविदेश के ऐसे टूरिस्ट स्पौट्स की जो अपनी दिलचस्प कहानियों और इतिहास से हमेशा लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते रहे हैं. आप यहां जाएं या नहीं लेकिन यहां की जानकारी अवश्य रखें.

जहां दिल बोले मरहबा (इस्तांबुल तुर्की)

इस्तांबुल के रौयल हमाम और मसाज सैंटरों से आती आरोमा की भीनीभीनी खुशबू और बाजारों में तुर्की आर्ट से बनी पौटरी और मसालों की महक यहां आने वालों को रोक कर रखने के लिए काफी है. यहां सैंट सोफिया का प्रसिद्घ कैथेड्रल है, ब्लू मसजिद है जिसे अहमदिया मसजिद के नाम से भी जाना जाता है.

स्वाद के शौकीनों के लिए तुर्की व्यंजन बहुत स्वादिष्ठ हैं. पर्यटकों में कबाब (सींक कबाब की एक किस्म), डोलमा (अंगूर के पत्तों में कई गोभी पत्ते) और मांटी बहुत लोकप्रिय हैं. एक बड़ी ट्रे में रखे सभी तरह के स्नैक्स के साथ व्यंजन परोसे जाते हैं जिन में बल्बसस सूप, सिटलाच और बाक्लाव किसी के भी मुंह में पानी लाने के लिए काफी हैं.

खाने के बाद टूरिस्ट यहां तुर्की चाय और एरन कौफी का स्वाद लेना नहीं भूलते. इस्तांबुल दुनिया का एकमात्र शहर है जो 2 महाद्वीपों पर स्थित है, इस के साथ ही यह विश्व के टौप 5 टूरिस्ट प्लेस में से एक है. हनीमून कपल्स और एकला घुमंतुओं का यहां सालभर जमावड़ा लगा रहता है. यहां पर यूरोप और एशिया का मिलन होता है. यहां पुराने आर्किटैक्चर के साथ मौडर्न लीविंग स्टाइल भी है. यहां की रातें रंगीन होती हैं. बौलीवुड की 2 प्रमुख फिल्मों ‘एक था टाइगर’ और ‘मिशन इस्तांबुल’ में इस शहर की खूबसूरती को बड़े सुंदर ढंग से कैमरे में कैद किया गया है.

एक्सोचिमिल्को (मैक्सिको)

फ्लोटिंग बोट की मस्ती और हौरर आईलैंड का रहस्य 

घुमक्कड़ी और कुछ थ्रिलर की चाहत रखने वालों के लिए मैक्सिको सिटी के पास एक्सोचिमिल्को बिलकुल परफैक्ट जगह है. चारों तरफ से नहरों से घिरी इस जगह को फ्लोर्टिंग गार्डन के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इन नहरों में अनगिनत फ्लैट बौटम ट्रैडिशनल बोट्स तैरती रहती हैं. इन्हें स्थानीय भाषा में ट्राजिनेरा कहा जाता है. रंगबिरंगी और आकर्षक कलाकृतियों से सजीधजी इन बोटों में टूरिस्टों को घुमाने के अलावा फ्लोटिंग शौपिंग का भी काम होता है.

यह जगह पर्यटकों खासकर यंगस्टर की पसंदीदा जगह बनती जा रही है. जिस कैनाल से हो कर यह बोट जाती हैं उस के दोनों तरफ हरियाली और गार्डन हैं, जो बोट में बैठे टूरिस्टों का दिल भी बागबाग कर देते हैं.

इस के पास ही एक छोटा सा आइलैंड है, जिसे ‘ला इसला दे ला मुनिकास’ के नाम से जाना जाता है. इस आइलैंड को डौल्स आइलैंड भी कहा जाता है, क्योंकि यहां आप को पेड़ से लटकी हजारों डरावनी डौल्स देखने को मिलेंगी. हौरर और थ्रिलर के शौकीन यंगस्टर का यह सब से फेवरेट डैस्टिनेशन है.

1990 में कैनाल की सफाई के दौरान इस आइलैंड में हजारों की संख्या में पेड़ से लटकी हुई डौल्स देखी गईं. लोग इसे तैरता हुआ आइलैंड के नाम से भी जानते हैं जिसे मैक्सिको में चिनमपा कहा जाता है. इस अजीबोगरीब आइलैंड के पीछे की कहानी और भी डरावनी है. लोगों का कहना है कि सैंटाना बार्रेरा नामक व्यक्ति इस द्वीप पर रहने आया था. उस के बाद लोग इस द्वीप पर आने लगे, जिन में एक बच्ची भी शामिल थी. एक दिन उस बच्ची की वहां पानी में डूबने से मौत हो गई. ठीक उसी जगह सैंटाना बार्रेरा को कुछ दिनों बाद एक डौल मिली, जिस को उस ने पेड़ पर टांग दिया. यह किस्सा चलता रहा. उसे ऐसी कई डौल्स मिलीं और उन सभी को सैंटाना ने पेड़ों पर लटका दिया. इस किस्से के चलते आज उस द्वीप में हजारों डौल्स हैंड्स पेड़ से लटके हैं. इस आइलैंड में रात को रुकने से लोग कतराते हैं क्योंकि हजारों लटकती ये डौल्स रात को बड़ी भयानक लगती हैं.

कला पारखियों का अड्डा (लूव्र म्यूजियम पेरिस)

प्रिशियस कलाकृतियों और क्रिएटिविटी के चाहने वालों को यहां आ कर निराश होना पड़ता है, खासकर उन नौजवानों को जो आर्ट और संस्कृति में ज्यादा दखल देते हैं. उन के लिए पेरिस का लूव्र म्यूजियम रिसर्च सैंटर है. हजारों की तादाद में कई यूनिवर्सिटीज के स्कौलर इस म्यूजियम के आसपास चक्कर लगाते दिख जाएंगे. इस म्यूजियम में कई बेशकीमती मूर्तियों व पेंटिंग्स के अलावा वर्ल्ड फेमस आर्टिस्ट लियोनार्डो द विंची की ओरिजनल पेंटिंग मोनालिसा रखी हुई है.

यह ऐतिहासिक म्यूजियम सीन नदी के किनारे स्थित है, पहले यह पेरिस के राजाओं का महल लूव्र पैलेस था जिसे बाद में म्यूजियम में बदल दिया गया. इस म्यूजियम को पर्यटकों की पहली पसंद माना जाता है, क्योंकि दुनिया के अन्य म्यूजियमों की तुलना में लूव्र म्यूजियम में आने वाले पर्यटकों की संख्या सब से ज्यादा है.

नैचुरल ब्यूटी के साथ नाइट लाइफ का फन (नीदरलैंड्स)

सरिता विशेष

नीरदलैंड्स एक ऐसा देश है जहां विशाल पवनचक्कियां और चारों तरफ फूलों की लंबी कतारें हैं. यहां के लोगों में साइकिल चलाने का जबरदस्त क्रेज है. इस देश का क्षेत्रफल भी काफी कम है. आप 35 से 45 किलोमीटर के दायरे में राजधानी एम्सटर्डम पूरी तरह से घूम सकते हैं. यह नीदरलैंड्स की राजधानी है और दुनिया के सब से रंगीन शहरों में शुमार है.

यहां आप खूबसूरत म्यूजियम, शानदार पब, अच्छे रेस्तरां के साथसाथ सुंदर फूलों की मार्केट का जायजा भी ले सकते हैं. यह शहर कईर् खूबसूरत नहरों से जुड़ा है. यदि आप यहां आएं तो क्रूज में सैर करना न भूलें. नहरों के दोनों तरफ ट्यूलिप के फूल खिले रहते हैं. नाइट में आप वाइन क्रूज का लुत्फ भी उठा सकते हैं. यहां सैक्स टौयज, शौप्स और सैक्स म्यूजियम से ले कर सैक्सवर्कर तक को सरकार द्वारा लाइसैंस मिला है, जिस का यह लोग सरकार को टैक्स भी देते हैं.

एशिया का सब से स्वच्छ गांव

मेघालय में एक ऐसा भी गांव है जहां 100 प्रतिशत साक्षरता के अलावा 100 प्रतिशत स्वच्छता भी है. यहां का मावल्यान्नौंग गांव ऐसा इकलौता गांव है जो एशिया का सब से साफसुथरा गांव है. यहां सभी पढे़लिखे लोग हैं. इतना ही नहीं, इस गांव में ज्यादातर लोग सिर्फ अंगरेजी में ही बात करते हैं. इस गांव को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एशिया के सब से साफ गांव का पुरस्कार भी मिल चुका है.

यहां टूरिस्ट के लिए कई अमेजिंग स्पौट्स हैं, जैसे वाटरफौल, लिविंग रूट ब्रिज (पेड़ों की जड़ों से बने पुल) और बैलेंसिंग रौक्स (पहाडि़यों के बीच ऐसे रौक जिन से आनेजाने के लिए संतुलन बना रहता है.) भी हैं. यहां आने वाले लोगों के लिए ये आकर्षण का खास केंद्र हैं. इस गांव को पर्यटकों के लिए विकसित किया जा रहा है. जहां होम स्टे और ट्रैडिशनल फूड का लुत्फ आप किसी भी घर या ताड़ के पेड़ों से बने छोटे से रैस्टोरैंट में उठा सकते हैं. सड़कों के दोनों तरफ फूलों की क्यारियां हैं और जगहजगह बांस की बनी डस्टबिन लगी हैं. आप इस खूबसूरत गांव में घूम सकते हैं पर ध्यान रहे कि इस की सुंदरता को किसी तरह का नुकसान न हो.

VIDEO : ये हेयरस्टाइल है बड़ी मस्त

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