आज क्रिकेट बहुत बड़ा गेम बन चुका है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला जाता है. क्रिकेट खिलाड़ी करोड़ों में बिकते हैं, क्रिकेट पर अरबों रुपए का सट्टा लगाया जाता है. अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तरहतरह के नियम बन गए हैं, जिन के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाता है. हकीकत यह है कि क्रिकेट की लोकप्रियता के चलते क्रिकेटरों की हैसियत फिल्म स्टारों जैसी बन गई है, जिन्हें करीब से देखने के लिए कुछ लोग तरसते हैं तो कुछ महंगे टिकट ले कर देशविदेश के स्टेडियमों तक जाते हैं.

क्रिकेट को अनिश्चितताओं का गेम कहा जाता है. यह बात है भी सही, कब किस टीम की बाजी पलट जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. टीमें हारतेहारते जीत जाती हैं और जीततेजीतते हार जाती हैं. लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था, जैसा आज है. इस खेल में कई ऐसे कारनामे हो चुके हैं, जिस की वजह से इसे अनिश्चितताओं के गेम का नाम मिला. कुछ कारनामे तो ऐसे हुए, जिन पर विश्वास करना मुश्किल है.

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ऐसा ही एक विचित्र कारनामा सदियों पहले हुआ था, जो अपने आप में एक रिकौर्ड बन गया. अगर क्रिकेट देखने वाले किसी व्यक्ति से पूछा जाए कि एक बौल में कितने रन बन सकते हैं तो ज्यादातर लोगों का जवाब होगा 7 रन. लेकिन क्रिकेट हिस्ट्री में एक बौल पर 286 रन भी बन चुके हैं.

जनवरी, 1894 में लंदन से छपने वाले अखबार ‘पाल माल गजट’ में एक रिपोर्ट छपी थी, जिस में आस्ट्रेलिया में घटी इस घटना को रिकौर्ड बताया था. रिपोर्ट के मुताबिक, 1865 में आस्ट्रेलिया में डोमेस्टिक मैच के दौरान विक्टोरिया और स्क्रैच-11 टीम के बीच क्रिकेट मैच खेला गया था, जिस में एक बौल पर 286 रन बने थे.

मैच के दौरान विक्टोरिया के बैट्समैन ने एक जोरदार शौट लगाया और बौल पेड़ पर जा कर अटक गई. इस के बाद बैट्समैन का रनों के लिए दौड़ने का सिलसिला शुरू हुआ. जब तक पेड़ से बौल उतारी गई, तब तक बैट्समैन बराबर दौड़ते रहे और 286 रन बना लिए.

इस घटना के बाद नियमों में थोड़ा बदलाव किया गया. बाद में समयसमय पर नियमों में बदलाव होते रहे.