सरिता विशेष

औनलाइन मेनिया के बारे में तो आप ने सुना ही होगा लेकिन क्या कभी आप ने डौल मेनिया के बारे में सुना है. तो अब सुन लें. थाइलैंड में इन दिनों डौल मेनिया छाया हुआ है. डौल रखने की सनक लोगों पर इस कदर हावी है कि वे इस के लिए हजारों रुपए तक खर्च करने को तैयार हो गए हैं. सिर्फ घर ला कर उसे शोकेस में ही नहीं रखते बल्कि उसे अपने साथ हर जगह घुमाने भी ले जाते हैं. जो खुद खाते हैं वो उसे भी औफर करते हैं. अपने बच्चे की तरह उस की हर छोटीबड़ी चीजों का खयाल रखते हैं यानी बिलकुल चाइल्ड जैसी केयर.

यहां तक कि कुछ लोग जब रात को डौल को अपने साथ सुलाते हैं तो बीचबीच में उठ कर देखते रहते हैं ताकि डौल को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो. इस के लिए वे अपनी नींद तक को ताक पर लगा देते हैं.

आखिर हो भी क्यों न इतना प्यार. एक तो लुक वाइज बिलकुल चाइल्ड जैसी लगती है और दूसरा जब इसे रखने के पीछे कहा जा रहा हो कि जो इसे रखेगा वो जल्द ही अमीर बन जाएगा. अमीर बनने की चाह हर किसी में होती है और जब एक डौल रखने भर से काम बन सकता है तो भला कौन इसे रखना पसंद नहीं करेगा. तभी तो थाइलैंड में डौलों की बाढ़ आ गई है.

यहां के लोग डौल को चाइल्ड ऐंजल नाम दे रहे हैं और उन के साथ सैल्फी खींच कर उसे सोशल साइट्स पर भी अपडेट कर दुनिया को हैरान कर रहे हैं.

लोगों में देखादेखी की आदत बहुत होती है उसी देखादेखी ने थाइलैंड में डौलों के प्रति लोगों की दीवानगी को बढ़ावा दिया है. सेलेब्स ने इस डौल को सब से पहले अपने पास रखा फिर तो हर किसी ने इसे रखना शुरू कर दिया. यहां तक कि अब कई होटलों में भी डौल को साथ लाने पर विशेष छूट दे कर लोगों को डौल रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

लेकिन जहां तक बात समझ आ रही है तो वो यही है कि चीन से बड़े पैमाने पर ऐसी डौलें लाने का उद्देश्य भ्रामक प्रचार के जरिए अपने कारोबार में बढ़ोत्तरी करना है.