सम्मान न खोने दें: आप ने प्यारप्यार में कुछ ज्यादा ही छूट तो नहीं दे दी जो उस का गलत फायदा उठा कर वह आप के सिर पर सवार होने की कोशिश

कर रही हो. अत: प्यार करें, लेकिन अपने सम्मान को न खोने दें.

अपने दब्बूपन को बदलें: खुद को भी टटोलें कि कहीं आप कुछ ज्यादा ही दब्बू तो नहीं हैं  हर जगह चाहे पड़ोसी से लड़ाई हो या रिश्तेदारी में कोई बात, आप अपनी बीवी को आगे तो नहीं कर देते  अगर ऐसा है तो सब से पहले अपनी इस आदत को बदलें, क्योंकि बाहर रोब जमातेजमाते यह ऐटिट्यूड वह घर में आप पर भी अपनाने लगी है.

हिम्मत भी दिखाएं: हर बार टालना भी कोई उपाय नहीं है. इसलिए एक बार हिम्मत कर के आमनेसामने बात कर ही लें कि आखिर इस तरह के व्यवहार की वजह क्या है  पत्नी को साफसाफ शब्दों में यह भी समझा दें कि अब इस तरह की बातें आप और सहन नहीं करेंगे. हो सकता है आप की इस धमकी के बाद वह सुधर जाए.

बिजी रखें: आप खुद को बिजी रखें ताकि आपस में उलझने के मौके कम आएं. जब आप खुद को बिजी रखेंगे तो वह भी आप से कम ही बोलेगी.

ओवर रिऐक्ट न करें: यह भी हो सकता है कि वह सही बात कह रही हो, बस कहने का अंदाज थोड़ा कर्कश हो. यह उस का नेचर भी हो सकता है, इसलिए यह भी सोचें कि कहीं आप ही तो ओवर रिऐक्ट नहीं कर रहे

राकेश अपने दफ्तर में सीनियर पोस्ट पर काम करता है. औफिस में उस की खूब चलती है. कई लोग उस के नीचे काम करते हैं. मगर उस का यह रोब और रुतबा घर आते ही खत्म हो जाता है, क्योंकि घर आते ही बीवी का मिजाज देखते ही उस के हौसले पस्त हो जाते हैं. बीवी के आगे उस की एक नहीं चलती. बीवी की जीहुजूरी के अलावा राकेश के पास कोई और चारा नहीं है. आखिर बात घर में शांति की है.

यह कहानी सिर्फ राकेश की ही नहीं है, बल्कि ऐसे बहुत से पति हैं, जिन्हें बीवी के इस तरह के ऐटिट्यूड को ले कर हमेशा शिकायत रही है. लेकिन वे चाहते हुए भी कुछ नहीं कर पाते. माना यह समस्या मुश्किल है, लेकिन ऐसी भी नहीं कि इस से निबटा ही न जा सके. बस इस के लिए थोड़ी सी समझदारी और हिम्मत की जरूरत है.

इस चिकचिक डौट कौम से कैसे बचें

टहल आएं: जब बीवी ऐसा ऐटिट्यूड दिखाने के मूड में हो तो इधरउधर टहल लें. मतलब उस सिचुएशन में पड़ने से बचें. उस स्थिति से जितना बचेंगे तकरार की संभावना उतनी ही कम होगी.

काम करें लेकिन सोचसमझ कर: अगर दफ्तर से आते ही या घर पर खाली बैठा देख कर वह आप को घर का काम करने का हुक्म सुनाती है और खुद टीवी के सामने बैठ जाती है तो उस से कहें कि आप भी अभी थक कर आए हैं या अभी मैं रिलैक्स कर रहा हूं, थोड़ी देर बाद दोनों मिल कर सारा काम निबटा लेंगे. घर का काम पुरुष नहीं कर सकते, ऐसा नहीं है, लेकिन वह किस ढंग और ऐटिट्यूड के साथ कराया जा रहा है उस पर डिपैंड करता है.

वार्निंग दें: न तो आप खुद बेवजह बीवी पर चिल्लाएं और न ही उसे ऐसा करने दें. उसे समझाएं कि बात आराम से भी हो सकती है वरना चिल्लाना आप को भी आता है. इस से वह अगली बार आप से बदतमीजी करने से पहले एक बार जरूर सोचेगी.

आपसी विश्वास बढ़ाएं: बीवी को प्यार से भी समझाया जा सकता है कि उसे उस का इस तरह का व्यवहार आप को बिलकुल पसंद नहीं है. उसे खुद में थोड़ा बदलाव लाने की जरूरत है. साथ में यह भी कहें कि अगर उसे भी आप में कुछ खामियां नजर आती हैं तो आप भी खुद को बदलने को तैयार हैं. इस से आप दोनों के बीच आपसी समझ और विश्वास बढ़ेगा.

नेक सलाह

– ज्यादा रोब जमाने के चक्कर में कहीं ऐसा न हो कि पति की नजरों में आप की इज्जत एक धेले की भी न रह जाए.

– हो सकता है कि आप दफ्तर में अपने पति की बौस हों, लेकिन यह बात कभी न भूलें कि यह घर है आप का दफ्तर नहीं. इसलिए हर बात में हुक्म न चलाएं.

– पति की तो छोडि़ए, बच्चे भी आप से डरने लगेंगे और पीठ पीछे आप की चुगली करेंगे कि मम्मा कितनी बुरी हैं और यह बात आप को कभी पसंद नहीं आएगी.

ऐटिट्यूड के कारण जानें

– क्या वह आप से कहीं ज्यादा गुड लुकिंग है

– क्या वह दफ्तर में भी आप की बौस है

– क्या वह बहुत अमीर घर से है

– क्या वह अपने मायके में बच्चों में सब से बड़ी है जो अपने भाईबहनों पर रोब चलातेचलाते यह उस की आदत हो गई

– क्या आप दोनों के बीच कुछ ऐसी बातें हैं, जिन की वजह से पत्नी फ्रस्ट्रेट फील करती हो और उस का गुस्सा वह आप पर निकालती हो

जब बेवजह आए गुस्सा

यदि आप को अकसर गुस्सा आता है और आप अपने साथी पर बेवजह चिल्लाते हैं, तो आप को अपने खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच करानी चाहिए. ग्लूकोज का स्तर सामान्य से कम होने पर लोग गुस्सैल और आक्रामक हो जाते हैं.

ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में संचार एवं मनोविज्ञान के प्रोफैसर ब्रैड बुशमैन का कहना है कि अध्ययन से पता चला है कि किस तरह भूख जैसा सामान्य सा कारक भी परिवार में कलह, लड़ाईझगड़ा और कभीकभी घरेलू हिंसा की वजह बन जाता है.

शोध में 107 विवाहित युगलों पर अध्ययन किया गया, जिस में हर जोड़े से पूछा गया कि अपने विवाहित जीवन से संतुष्ट होने के बारे में उन की क्या राय है  21 दिनों तक किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि विवाहित जोड़े में हर शाम ग्लूकोज का स्तर साथी के साथ संबंधों पर प्रभाव डालता है.

जिन लोगों में ग्लूकोज का स्तर कम पाया गया, वे अपने साथी पर ज्यादा गुस्सा करते हैं, उन पर हावी होने की कोशिश कर उन्हें दबाने के प्रयास में तेज आवाज में बात करते हैं. ग्लूकोज का स्तर कम होने से उत्पन्न भूख और क्रोध की स्थिति बेहद करीबी रिश्तों को भी प्रभावित कर सकती है