अगले साल मार्च में सेवानिवृत्त होने जा रहीं भोपाल के एक थाने में पदस्थ एक इंस्पैक्टर ने जबरदस्ती और बलात्कार के कई मामलों में अहम भूमिका निभाई है. ऐसा ही 6 महीने पहले का एक किस्सा वे बड़ी गंभीरता से सुनाती हैं. 22 वर्षीय मेघा (बदला हुआ नाम) को 24 वर्षीय सोमेश (बदला हुआ नाम) से प्यार हो गया. दोनों साथ जीनेमरने की कसमें खाने लगे. इस दौरान इन दोनों को एकदूसरे के सिवा कुछ नहीं सूझता था. बीई करने के बाद सोमेश नौकरी की तलाश में जुट गया और मेघा ने एमसीए करने के दौरान ही एक प्राइवेट कंपनी में पार्टटाइम नौकरी कर ली. एकदूसरे के प्रेम में दोनों ऐसे डूबे रहते कि इन्हें गौर से देख लेने वाला भी शायर हो जाए. चाइनीज खाने की शौकीन मेघा अकसर रैस्टोरैंट में मिलने को प्राथमिकता देती पर सोमेश पार्क में मिलना पसंद करता, क्योंकि यहां उसे किसी घने पेड़ के नीचे या झुरमुट के पीछे बैठ कर अपनी प्रेमिका से प्यार भरी बातें करने का मौका मिल जाता, जिस में उसे मजा आता था. चूमने और अंगों से छेड़छाड़ पर मेघा एतराज नहीं जताती थी. लेकिन शुरुआत में ही एक बार उस ने सोमेश को आगाह कर दिया था कि बस, इस हद से आगे नहीं बढ़ना. सोमेश उस के जज्बातों को समझता था और कहता था कि मुझे भी कोई जल्दी नहीं. जो काम शादी के बाद होना ही है उसे अभी करना मैं भी ठीक नहीं समझता. बस इधर नौकरी लगी और उधर शादी हुई. फिर बताना मुझे कि मेरी हदें कहां तक हैं.

लेकिन एक दिन…

मेघा बदहवास हालत में महिला थाने जा पहुंची और मौजूद महिला कौंस्टेबल से बलात्कार की कोशिश की रिपोर्ट लिखाने की प्रक्रिया पूछी तो कौंस्टेबल ने उसे उक्त इंस्पैक्टर के पास भेज दिया. अपने तजरबे के आधार पर इस इंस्पैक्टर ने सब्र से मेघा की पूरी बात सुनी.

‘‘आज सुबह सोमेश ने फोन कर मुझे घर बुलाया और कहा कि मम्मीपापा दोनों इंदौर शादी में गए हैं, 2 दिन बाद आएंगे इसलिए लंच मेरे साथ करो. मुझे इस में कोई हर्ज नहीं लगा और मैं औटो से सोमेश के घर चली गई. मुझे देखते ही सोमेश मारे खुशी के झूम उठा और मैं अंदर आई तो एहतियातन दरवाजा बंद कर लिया  ‘‘फिर उस ने मुझे बांहों में भर कर किस किया और फिर पूरा घर दिखाया. इस दौरान उस ने मुझे स्नैक्स भी औफर किए और मुझे किचन में जा कर कौफी बनाने के लिए कहा.

‘‘मैं कौफी बना कर लाई. फिर हम दोनों ने बैडरूम में बैठ कर कौफी पी और प्यार की अपनी दुनिया में खो गए. ‘‘बस, गड़बड़ यहीं से शुरू हुई. सोमेश मेरे बदन की तपिश में पिघलते हुए अपना किया वादा भूलने लगा और ‘थोड़ा और, हर्ज क्या है’ की जिद करने लगा. अपने प्रेमी की जिद के कारण मैं ने टौप उतारने दिया लेकिन इस के बाद सोमेश मुझे भेडि़ए की तरह नोचने  लगा. मेरी जींस उतारने की नाकाम कोशिश करने लगा. इधर मेरा विरोध बढ़ता जा रहा था, लेकिन सोमेश ने मुझे दबोच रखा था और पागलों की तरह चूमे जा रहा था और सैक्स क्रियाएं करने को उत्सुक था जो बजाय मुझे उत्तेजित करने के मेरी परेशानी और डर बढ़ा रही थीं. सोमेश सोच रहा था कि मैं भी जल्द ही उत्तेजित हो जाऊंगी और उसे मनमानी करने दूंगी. पर मैं ने ऐसा होने न दिया और भाग कर यहां आ गई.’’

समझाने से बनी बात

सारी कहानी सुन कर इंस्पैक्टर ने मेघा को समझाया कि रिपोर्ट लिखने और दोषी को गिरफ्तार करने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं लेकिन तुम्हारी मां जैसी होने की हैसियत से मैं तुम्हें कुछ समझाना चाहूंगी. मुझे लगता है कि वह लड़का तुम से वाकई सच्चा प्यार करता है लेकिन आज एकांत पा कर अपने सैक्स के जज्बे पर काबू नहीं रख पाया जो एक तरह से स्वाभाविक सी बात है. हर लड़के या प्रेमी की मनशा बुरी नहीं होती पर तुम ने समझदारी और हिम्मत दिखाई कि जैसेतैसे सलामत भाग कर थाने आ गई. उस की मनशा बलात्कार की नहीं रही होगी बल्कि शारीरिक संबंध बनाने की रही होगी पर इस में उस ने तुम्हारे प्यार और विश्वास पर गौर नहीं किया जो उस की गलती है. मुमकिन है वह अपनी गलती महसूस करे और तुम से माफी भी मांगने आए इसलिए रिपोर्ट दर्ज कराने के पहले उसे भी सोचने का मौका दो कि वह कितनी बड़ी गलती करने जा रहा था. मैं वादा करती हूं कि अगर उस की मनशा वाकई बलात्कार की थी तो उसे गिरफ्तार कर जेल की हवा जरूर खिलाऊंगी.

उन्होंने मेघा को कानूनी ऊंचनीच भी विस्तार से समझाई कि रिपोर्ट लिखाना जितना आसान है, अदालत में ऐसे आरोप साबित कर पाना उतना ही मुश्किल है. लड़का गिरफ्तार हुआ तो पछताएगा नहीं बल्कि अपने बचाव के लिए तुम पर ही बदचलनी का इलजाम लगा देगा. दूसरे, ऐसे मामले में भले हम पुलिस वाले लड़की का नाम और पहचान छिपा लें पर उसे बदनामी से नहीं बचा पाते. आज रिपोर्ट लिखेंगे तो कल अखबारों में खबर भी छपेगी, तुम्हारे घर वालों को भी आना पड़ेगा, जो तुम्हें भी एकदम पाकसाफ नहीं मानेंगे. प्यार करना गुनाह नहीं, लेकिन ऐसे नाजुक मामलों में सोचसमझ कर काम लेना चाहिए. मेघा ने बात समझी और इस आश्वासन पर वापस होस्टल जाने को तैयार हुई कि अगर वाकई सोमेश की मनशा में खोट था तो उसे माफ नहीं किया जाएगा. 2 दिन बाद वाकई सोमेश का व्हाट्सऐप पर मैसेज आया, ‘मैं अपने किए पर शर्मिंदा हूं और तुम से दिल से माफी मांगता हूं. मैं बहक गया था लेकिन मेरी मनशा तुम्हारी जिंदगी खराब करने की नहीं थी. मेरा प्यार सच्चा है और रहेगा. मैं तुम्हारे अलावा किसी और के बारे में सोच भी नहीं सकता. हो सके तो मुझे माफ कर देना.’

लेकिन सोमेश द्वारा माफी मांगने और दोबारा संपर्क न करने का उस पर वाजिब असर भी हुआ. उस ने पुराने मैसेज देखे और यादें ताजा हुईं, तो उसे यह भी लगा कि जो भी हुआ वह वक्ती तौर पर हालात की वजह से हुआ. साथ ही यह सोच कर भी वह कांप उठती थी कि अगर वाकई सोमेश अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो उस की हालत क्या होती? आखिरकार उस ने सोमेश को माफ कर दिया, अब जल्द ही दोनों शादी कर लेंगे. मेघा के साथ जो हुआ था वह प्यार में पड़ी युवतियों के साथ होना आम है. ऐसे हादसे युवतियों के लिए किसी सदमे से कम नहीं होते. प्रेमी जब सैक्स चाहे तब युवतियां दुविधा में पड़ जाती हैं कि क्या करें? अगर न करती हैं तो बे्रकअप भी हो सकता है. लेकिन सैक्स ही करने की शर्त पर उन्हें प्यार करते रहना गंवारा नहीं होता और जोखिम वाला काम भी भविष्य के लिहाज से गलत नहीं लगता. असल दिक्कत उस वक्त खड़ी हो जाती है जब एकांत पा कर प्रेमी जबरन सैक्स पर उतारु हो जाता है और मनमानी कर के ही छोड़ता है. इस दैहिक आकर्षण या जरूरत से अपवादस्वरूप ही प्रेमी मुक्त होंगे, क्योंकि प्यार के माने बदल रहे हैं. यह पहले की तरह आदर्श या पवित्र नहीं रह गया है बल्कि शारीरिक संबंध इस की प्राथमिकता हो गई है. प्रेमिका को कोशिश करनी चाहिए कि वह अपने बौयफ्रैंड से एकांत में न मिले, क्योंकि कभी भी न चाह कर भी मन पर कंट्रोल खत्म हो जाता है और प्रेमी सैक्स कर बैठता है. बाद में भले उसे पछतावा हो पर आप तो सैक्स का शिकार हो गईं न.

जबरन सैक्स के परिणाम

ऊहापोह में फंसी कुछ लड़कियां जबरन सैक्स का विरोध नहीं कर पातीं इसलिए उन्हें ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. चूंकि वे सहमति से सैक्स नहीं करतीं इसलिए बजाय सुख या मजा देने के उन्हें यह हादसा लगने लगता है. अधिकांश प्रेमी एकांत पाते ही प्रेमिकाओं पर भेडि़यों की तरह टूट पड़ते हैं. यह बलात्कार वाली स्थिति ही है, जिस का सारा खमियाजा लड़की को जिंदगी भर भुगतना पड़ सकता है. सैक्स का पहला अनुभव जिंदगी भर कोई नहीं भूलता. खासतौर से युवतियां, जो सैक्स अगर चाहती भी हैं तो इस तरह कि उन्हें कोई शारीरिक व मानसिक यंत्रणा न सहनी पड़े. अधिकांश युवक युवतियों की इस मानसिकता को नहीं समझते कि प्यार की तरह सैक्स भी नजाकत की बात है, जिसे जबरन करने में उन्हें भी वह सुख नहीं मिलता जो सहमति के सैक्स में मिलता है. जबरन किया गया सैक्स मर्दानगी नहीं कहा जा सकता. इस में युवक एक तरह से युवती की मजबूरी का फायदा ही उठाता है.

इन दिनों इंटरनैट और स्मार्टफोन हर किसी के पास है जिस में पोर्न फिल्मों का भंडार है, इन्हें युवक देखते हैं तो समझ नहीं पाते कि जो वीडियो क्लिपिंग या ब्लू फिल्मों में दिखाया जा रहा है वह बेहद घटिया, अज्ञानता भरा और पैसा कमाने के लिए है. यह प्यार का नहीं बल्कि सैक्स का विकृत रूप है, जिसे वे सच समझ बैठते हैं. इस में सैक्स ऐजुकेशन या सलीके जैसी कोई बात होती ही नहीं.

फिर क्या करें

जबरन सैक्स का अधिकतर खमियाजा युवतियों को भुगतना पड़ता है जिन्हें जल्दबाजी में प्राकृतिक रूप से कोई मजा सैक्स में नहीं आता, चूंकि प्रेमी को भी जल्दी रहती है इसलिए उसे भी प्रेमिका एक डिश की तरह लगती है जिसे एक झटके में वह निगल जाना चाहता है. बाद के नतीजों पर गौर करें तो युवतियां अकसर घबराती नजर आती हैं और सैक्स से डरने लगती हैं. सैक्स, जिसे वे आनंद का जरिया समझती हैं सदमे की तरह उन के दिलोदिमाग में बैठ जाता है. नतीजा यह होता है कि वे जिंदगी भर इस से डरती रहती हैं और मशीन की तरह पार्टनर का साथ निभाती रहती हैं. जबरन सैक्स में दोनों यह भी भूल जाते हैं कि सावधानी न बरती जाए तो प्रैग्नैंसी भी हो सकती है. असुरक्षित सैक्स के नतीजे पहले से युवतियों के जेहन में रहते हैं पर वे कुछ कर नहीं पातीं. जब दूसरे महीने पीरियड नहीं आता तो उन की हालत खस्ता हो जाती है. इस पर भी अगर प्रेमी साथ न दे, तो वे खुदकुशी तक की भी बात सोचने लगती हैं.

भोपाल की एक नामी लेडी डाक्टर का कहना है कि हर हफ्ते एक ऐसी युवती क्लिनिक में ऐबौर्शन के लिए आती है जो जबरन या असुरक्षित सैक्स का शिकार हुई होती है. वक्त पर आ जाए तो आराम से गर्भपात हो जाता है लेकिन यह ग्लानि उसे जिंदगी भर सालती रहती है और वह शादी के बाद भी सैक्स लाइफ ऐंजौय नहीं कर पाती. कई बार लड़कियां प्रैग्नैंसी हो जाने पर प्रेमियों को बख्शती नहीं और उन्हें कानून या सामाजिक तौर पर उन के किए की सजा दिलाती हैं. पर यह प्रक्रिया जबरन सैक्स की तरह झेलनी पड़ती है जिस से उन्हें कोई फायदा नहीं होता. सुरक्षित यौन संबंध सावधानियां और इस से भी ज्यादा अहम सहमति से सैक्स है जो न हो तो बात बिगड़ना तय है इसलिए भी इस दौर का प्यार बदनाम हो रहा है. भयंकर और अप्रिय सैक्स जो हालात के मुताबिक अनिवार्य हो जाता है से बचना कोई खास मुश्किल काम नहीं है. इस से बचने हेतु निम्न टिप्स पर अमल करना चाहिए :

–       एकांत में मिलें तो कागज पर लिख कर  रखें और बारबार देखें कि सबकुछ करना है पर सैक्स नहीं.

–       कंडोम हमेशा साथ रखें, क्योंकि खुद को जबरदस्ती करने से बचाए रखने की गारंटी कोई युवक नहीं ले सकता.

–       युवतियों को भी यह बात रट लेनी चाहिए और मन में दोहराते रहना चाहिए कि इस में मजा तो आने से रहा, बाद में तमाम दुशवारियां उन के ही हिस्से में आना तय है. जरूरी नहीं कि हरेक कहानी का मेघा और सोमेश की कहानी के जैसा सुखांत हो. इसलिए युवा प्रेमियों को चाहिए कि एकांत मिलने पर संभले रहें और जवानी के जोश में होश न खोएं. जरा सी जबरन की गई चूक जिंदगी भर का नासूर बन जाएगी.  

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