सवाल
मेरी उम्र 23 वर्ष है, एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हूं. मेरी हाइट व पर्सनैलिटी अच्छी है. पिछले दिनों एक फैमिली फंक्शन के दौरान मेरी मुलाकात एक 30 वर्षीय शादीशुदा पुरुष से हुई. वह मेरी सुंदरता का कायल हो गया और मैं भी उस के प्रति आकर्षित हो गई. अब वह मेरे लिए अपनी पत्नी तक को छोड़ने की बात कहता है. क्या मेरे लिए उस के साथ अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाना सही है?

जवाब
आप की जैसी उम्र हो और शादी न हुई हो तो विपरीत सैक्स के प्रति आकर्षण होना आम बात है. सचाई यह है कि जैसेजैसे उम्र बढ़ती है, हमारी पसंदनापसंद भी बदलती रहती है. आज जो हमें अपने सपनों का राजकुमार लगता है वह बाद में हमें नापसंद होने लगता है. और यह भी जरूरी नहीं कि जो पुरुष आज आप के लिए अपनी पत्नी को छोड़ने को तैयार है, कल को किसी और के लिए आप को न छोड़ दे. इसलिए उस के प्रति अपनी बढ़ती भावनाओं पर कंट्रोल करें. आप उस में रुचि न दिखाएं, तो हो सकता है वह अपनी गृहस्थी के प्रति ही सीरियस रहे.

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क्या करें, जब आपकी बेटी को विवाहित से प्रेम हो जाए

युवाओं में प्रेम होना एक आम बात है. अब समाज धीरे-धीरे इसे स्वीकार भी कर रहा है. माता- पिता भी अब इतना होहल्ला नहीं मचाते, जब उनके बच्चे कहते हैं कि उन्हें अमुक लड़की/लड़के से ही शादी करनी है, लेकिन अगर कोई बेटी अपनी मां से आकर यह कहे कि वह जिस व्यक्ति को प्यार करती है, वह शादीशुदा है तो मां इसे स्वीकार नहीं कर पाती.

ऐसे में बेटी से बहस का जो सिलसिला चलता है, उसका कहीं अंत ही नहीं होता, लेकिन बेटी अपनी जिद पर अड़ी रहती है. मां समझ नहीं पाती कि वह ऐसा क्या करे, जिससे बेटी के दिमाग से इश्क का भूत उतर जाए. ऐसे संबंध प्राय: तबाही का कारण बनते हैं. इस से पहले कि बेटी का जीवन बरबाद हो, उसे उबारने का प्रयास करें.

कारण खोजें

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलिज में मनोचिकित्सा विभाग के निदेशक डॉक्टर आरसी जिलोहा का कहना है कि इस तरह के मामले में मां एक महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती हैं. मां के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि बेटी का किसी अन्य व्यक्ति की ओर आकर्षण का कारण घरेलू वातावरण तो नहीं है. कहीं यह तो नहीं कि जिस प्यार व अपनेपन की बेटी को जरूरत है, वह उसे घर में नहीं मिलता हो और ऐसे में वह बाहर प्यार ढूंढ़ती है और हालात उसे किसी विवाहित पुरुष से मिलवा देते हैं.

यह भी संभव है कि वह व्यक्ति अपने वैवाहिक जीवन से संतुष्ट न हो. चूंकि दोनों के हालात एक जैसे हैं, सो वे भावुक हो एकदूसरे के साथ न जुड़ गए हों. यह भी संभव है कि अपनी पत्नी की बुराइयां कर के और खुद को बेचारा बना कर लड़कियों की सहानुभूति हासिल करना उस व्यक्ति की सोचीसमझी साजिश का एक हिस्सा है.

सो, बेटी से एक दोस्त की तरह व्यवहार करें व बातोंबातों में कारण जानने का प्रयास करें, तभी आप अगला कदम उठा पाएंगी.

सही तरीका अपनाएं

डॉक्टर जिलोहा का कहना है कि बेटी ने किसी शादीशुदा से प्यार किया, तो अकसर माताएं उन को डांटती-फटकारती हैं और उसे उस व्यक्ति को छोड़ने के लिए कहती हैं, पर ऐसा करने से बेटी मां को अपना दुश्मन मानने लगती है. बेहतर होगा कि प्यार से उसे इसके परिणाम बताएं. बेटी को बताएं कि ऐसे रिश्तों का कोई वजूद नहीं होता. व्यावहारिक तौर पर उसे समझाएं कि उसके संबंधों के कारण बहुत सी जिंदगियां तबाह हो सकती हैं. फिर जो व्यक्ति उस के लिए अपनी पत्नी व बच्चों को छोड़ सकता है, वह किसी और के लिए कभी उसे भी छोड़ सकता है, फिर वह क्या करेगी?

मदद लें

आप चाहें तो उस व्यक्ति की पत्नी से मिलकर समस्या का हल ढूंढ़ सकती हैं. अकसर पति के अफेयर की खबर सुनते ही कुछ पत्नियां भड़क जाती हैं और घर छोड़ कर मायके चली जाती हैं. उसे समझाएं कि वह ऐसा हरगिज न करे. बातोंबातों में उस से यह जानने का प्रयास करें कि कहीं उसके पति के आप की बेटी की ओर झुकाव का कारण वह स्वयं तो नहीं. ऐसा लगे तो एक दोस्त की तरह उसे समझाएं कि वह पति के प्रति अपने व्यवहार को बदल कर उसे वापस ला सकती है.

प्लान बनाएं

आप की सभी तरकीबें नाकामयाब हो जाएं तो उसकी पत्नी से मिल कर एक योजना तैयार करें, जिस के तहत पत्नी आप की बेटी को बिना अपनी पहचान बताए उसकी सहेली बन जाए. उसे जताएं कि वह अपने पति से बहुत प्यार करती है. उसके सामने पति की तारीफों के पुल बांधें. अगर वह व्यक्ति अपनी पत्नी की बुराई करता है तो एक दिन सच्चाई पता चलने पर आपकी बेटी जान जाएगी कि वह अब तक उसे धोखा देता रहा है. ऐसे में उसे उस व्यक्ति से घृणा हो जाएगी और वह उस का साथ छोड़ देगी.

यह भी हो सकता है कि उन का शादी का इरादा न हो और अपने संबंधों को यों ही बनाए रखना चाहते हों. ऐसे में बेटी को बारबार समझाने या टोकने से वह आप से और भी दूर हो जाएगी. उस को दोस्त बना कर उसे समझाएं और प्रैक्टिकली उसे कुछ उदाहरण दें तो शायद वह समझ जाए.