इन दिनों हर भारतीय की जुबान पर कश्मीर छाया हुआ है. कुछ लोग कश्मीर की वादियों की खूबसूरती की चर्चा करते नहीं थकते. कुछ लोग कश्मीर में बिगड़ते हालात पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, तो वहीं टीवी अदाकारा सारा अफरीन खान इस बात से खुश व उत्साहित हैं कि उनके करियर की दूसरी बालीवुड फिल्म ‘‘सरगोशियां’’ 1989 के बाद कश्मीर में दिखायी जाने वाली पहली फिल्म बनी है. वह बताती हैं-‘‘हमारी फिल्म ‘सरगोशियां’ को हाल ही में कश्मीर घाटी में प्रदर्शित किया गया, उस वक्त मैं भी वहां पर मौजूद थी. मेरे लिए यह पल गौरव का पल था. क्योंकि 1989 के बाद कश्मीर घाटी में पहली बार किसी बालीवुड फिल्म का प्रदर्शन हुआ, जिसमें मैंने भी अभिनय किया है. हमारी फिल्म देखकर वहां के लोगों ने बहुत अच्छी व सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. लोग भावुक हो गए थे. क्योंकि यह फिल्म आतंकवाद पर नहीं है, बल्कि यह फिल्म इंसानी रिश्तों, कश्मीर की खूबसूरती व इंसानों के अंदर की खूबसूरती की बात करती है. हमारी यह फिल्म देखने के लिए फारुख अब्दुल्ला भी आए हुए थे.’’

सारा अफरीन खान के लिए यह पहली कश्मीर यात्रा नहीं थी. वह कई बार कश्मीर जा चुकी हैं. खुद सारा अफरीन खान बताती हैं-‘‘यह मेरी चौथी कश्मीर यात्रा रही. पहली बार मैं कश्मीर एडवेंचरस यात्रा पर गयी थी. तब मैं पांच दिन तक हाउसबोट पर रूकी थी. मैंने मछलियां पकड़ने से लेकर घुड़सवारी तक की थी. फिर हम पांच दिन के ट्रैकिंग पर लद्दाख गए थे.’’

वह आगे कहती हैं-‘‘हमने फिल्म की शूटिंग कश्मीर में ही की है. इस दौरान हमें कश्मीर बहुत खूबसूरत लगा. लोगों ने हमारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था. शूटिंग के दौरान वहां के लोगों की हमें पूरी मदद मिली थी. उनके लिए मेरे दिल में खास जगह बन चुकी है. कश्मीर में शूटिंग करना सपना पूरे होने जैसा रहा. वैसे भी मुझे ठंडा प्रदेश ज्यादा पसंद हैं. कश्मीर तो स्वर्ग है. मैं तो हर दिन सुबह उठकर निडरता पूर्वक जागिंग करती थी. मुझे कहीं से भी कश्मीर रिस्की या खतरनाक नहीं लगा.’’