सरिता विशेष

लव और रोमांस से भरपूर टीवी सीरियलों से अपनी पहचान बनाने वाली दिल्ली की शिवानी तोमर ने अपने प्यार के बारें में अभी सोचा तक नहीं है. वह कहती हैं, अभी तो मैं अपने नये सीरियल इस प्यार को क्या नाम दूं में व्यस्त हूं. उनकी व्यस्तता का अंदाजा इस बात से भी लग जाता है कि जिस समय लखनऊ में वह अपने सीरियल का प्रचार कर रही थीं उस समय मुम्बई में उनका एक डायलॉग एडिट हो रहा था. मुम्बई से संदेश आया कि यह डायलॉग वाट्सएप पर रिकॉर्ड कर भेजो.

शिवानी ने अपना डायलाग मेरी बात सुन के जानाबोल कर लखनऊ से मुम्बई भेज दिया. दिल्ली की रहने वाली शिवानी तोमर ने आर्ट कोर्स करने के बाद ग्राफिग डिजाइनर की नौकरी की. शिवानी को स्कूल के ही दिनों से एक्टिंग का शौक था. ऐसे में वह अपने जॉब के सिलसिले में मुम्बई गईं तो वहां एक्टिंग में अपने करियर के ऑप्शन देखने लगीं.

वह कहती हैं, करियर के रूप में देखें तो सीरियलों में काम करना फिल्मों में काम करने से अलग है. यहां बाहरी कलाकारों को लेकर किसी तरह की अलग सोच नहीं होती है. ऑडिशन देते समय अगर आप अपने हुनर का कमाल दिखा लें तो काम मिलना सरल हो जाता है.

शिवानी ने 6 साल बहुत स्ट्रगल किया. इस दौरान कई टीवी शो में काम करने का मौका मिला इनमें क्रेजी स्टूपिड इश्क’, ‘हम आपके घर में रहते हैं’, ‘कसम तेरे प्यार कीऔर गुमराहप्रमुख है. स्टार प्लस के सीरियल इस प्यार को क्या नाम दूं’  में वह अपनी भूमिका के बारे में बताती हैं, यह मेरे लिये सबसे अहम रोल है. उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर की पृष्ठभूमि पर यह बना है. इसके लिये मैंने इलाहाबाद के लोगों के बारे में पढा. यहां की बातचीत के अंदाज को सीखा’.

दिल्ली और मुम्बई में क्या अंतर देखती हैं? इस पर शिवानी कहती हैं, दोनो ही शहर अलग पहचान के हैं. इनकी आपस में तुलना करना सही नहीं होगा. मुम्बई में काम को महत्व मिलता है. ज्यादा सुरक्षित शहर है. दिल्ली में अभी फ्लैटस के मुकाबले घर ज्यादा है. मुम्बई में घर बहुत कम हैं. मेरे लिये एक शहर मेरे सपनों को पूरा कर रहा है तो दूसरा मेरा अपना शहर रहा है.

शुद्ध शाकाहारी भोजन करने वाली शिवानी कहती हैं, एक्टिंग में करियर बनाने के लिये धैर्य बहुत होना चाहिये. कई बार निराशा बहुत होती है. ऐसे में बहुत परेशानी होती है. धैर्य होने और परिवार का सपोर्ट मिलने से बहुत मदद मिलती है.