हर कलाकार की कोशिश होती है कि वह अपने किरदार में इस कदर घुस जाए कि लोग उसे उस किरदार से ही पहचानने लगे. पर कई बार कलाकार का यह प्रयास उनके लिए मुसीबत का सबक बन जाता है. जी हां! ऐसा कई कलाकारों के साथ हो चुका है. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के बाराबंकी शहर में अभिनेता निखिल घई अपनी शीघ्र रिलीज होने वाली फिल्म ‘‘खेल तो अब शुरू होगा’’ की शुटिंग कर रहे थे.

इस फिल्म में निखिल घई का किरदार एक मुस्लिम कसाई वाले का है. शुटिंग के बीच में थोड़ा सा वक्त मिलने पर वह अपनी वैनिटी वैन के पास बैठकर फ्रूट जूस/फलों का रस पीने लगे. उधर से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्हे लगा कि यह बंदा सड़क पर बैठकर शराब पी रहा है. उन्होने निखिल को घेर कर सवाल जवाब करने शुरू कर दिए. अच्छा हुआ कि युनिट के लोग बगल मं ही थे. युनिट के सदस्यों ने उन लोगों को समझाया कि वह अभिनेता हैं और फिल्म के अपने मुस्लिम कसाई की वेशभूषा पहनकर बैठे हुए जूस पी रहे हैं. बड़ी मुश्किल से निखिल घई उस दिन पिटने से बच गए. इसकी चर्चा चलने पर निखिल घई कहते हैं-‘‘इस घटनाक्रम से मुझे इस बात का भरोसा हो गया कि मैं अपने किरदार में डूबा हुआ था.