सिनेमा में आ रहे बदलाव के चलते अब बौलीवुड में कई प्रतिभाएं बड़ी तेजी से अपने पैर पसार रही हैं. मगर अब हालात यह हैं कि यह प्रतिभाएं एक साथ कई विधाओं में अपनी किस्मत आजमाना चाहती हैं. ऐसे ही एक अदाकारा हैं दिव्या चोकसे. ‘गर्ल नेक्स्ट डोर’से विपरीत अति हॉट व सेक्सी लुक वाली अदाकारा दिव्या चोकसे पत्रकार बनते बनने मुंबई पहुंच गयी. मुबई में पहले उन्होने ‘‘मिस यूनिवर्स’’ बनना चाहा. सुष्मिता सेन उनकी मेंटर रहीं. मगर वह अंतिम बीस प्रतियोगी ही बन पायी.

अब जबकि वह अपने समय के मशहूर फिल्मकार रहे ज्वाय मुखर्जी के बेटे मोंज्वाय मुखर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘‘है अपना दिल तो आवारा’’ में अभिनय कर चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ वह बतौर गीतकार, गायक अपना एक म्यूजिक वीडियो लेकर आने जा रही हैं. इतना ही नहीं वह बतौर लेखक व हीरोईन एक वेब सीरीज भी कर रही हैं. वह सितार वादन के साथ ही गायन व नृत्य में भी माहिर हैं.

मोंज्वाय मुखर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘‘है अपना दिल तो आवारा’’ में एक सिंधी बिजनेस ओमन का किरदार निभाने वाली दिव्या चोकसे ने खुद अपनी आगामी फिल्मों व योजनाओं की चर्चा करते हुए ‘‘सरिता’’ पत्रिका को बताया- ‘‘सबसे पहले ‘है अपना दिल तो आवारा’ रिलीज हेागी. इसके अलावा एक फिल्म के लिए कुछ दिन की शूटिंग की है. दूसरी फिल्म नवंबर या दिसंबर में शुरू होगी. पर अभी इन फिल्मों के बारे में कुछ कह नहीं सकती. इसके अलावा मैं एक वेब सीरीज भी करने वाली हूं, जिसे मैं खुद ही लिख रही हूं. इसमें मैं खुद ही अभिनय करूंगी. मैंने एक गाना लिखा है, जिसे खुद गाने वाली भी हूं. इसका म्यूजिक वीडियो भी बनाने वाली हूं. ’’

जब हमने दिव्या चोकसे से पूछा कि उन्हे लिखने का शौक कहां से आया? तो दिव्या चोकसे ने कहा-‘‘यह शौक काफी पुराना है. स्कूल के दिनों में मैं स्कूल की पत्रिका के लेख लिखती थी. जब मैं दसवीं में पढ़ रही थी, तो जेब खर्च के लिए मैंने भोपाल के अखबार ‘दैनिक भास्कर’ में बच्चों का कोना में कुछ न कुछ लिखा करती थी. कालेज में पहुंचने के बाद मैंने युवा पीढ़ी से संबंधित और फैशन पर कुछ लेख लिखे. पहले सोचा था कि दिल्ली जाकर पत्रकार बन जाउंगी. पर बाद में मुझे महसूस हुआ कि पत्रकार बनना भी आसान नहीं है. तब मैंने सोचा कि यदि संघर्ष करना है, तो क्यों ना अभिनय के क्षेत्र में किया जाए.’’

जब हमने उनका ध्यान इस तरफ दिलाया कि उनका जो ‘लुक’ है, उस हिसाब से उनके पास कई फिल्में हेानी चाहिए थी? तब दिव्या ने कहा-‘‘आपने एकदम सही कहा. मेरा लुक ‘गर्ल नेक्स्ट डोर’ वाला नहीं है. मेरा लुक बहुत ही हाट है. इसी वजह से मैं सीधी साधी घरेलू लड़की या बहू के किरदार सीरियलों में नहीं निभा सकती थी. पर मुझे मेरे लुक को देखते हुए जिस तरह की फिल्में मिल रही थी, उस तरह की फिल्में मैं करना नहीं चाहती थी. मैं यहां सिर्फ सेक्स हाट गर्ल बनने नहीं आयी हूं. मैं फिल्मों में चुनौतीपूर्ण किरदार निभाना चाहती हूं.

मसलन, फिल्म ‘एतराज’ में जिस तरह का किरदार प्रियंका चोपड़ा ने निभाया है. मैं तो थोडा़ सा खलनायिका के टच वाला किरदार निभाना चाहती हूं. ऐसा किरदार जिसके अंदर कुछ क्रेज हो. कुछ करने की चुनौती हो. मैं ऐसा किरदार निभाना चाहती हूं कि फिल्म के अंदर दस मिनट का ही किरदार क्यों ना हो, पर वह ऐसा हो कि दर्शकों के दिलों दिमाग पर छा जाए. जब मुझे इसी तरह का किरदार निभाने का मौका मोंज्वाय मुखर्जी ने अपनी ‘‘है अपना दिल तो आवारा’’ में दिया,तो मैने तुरंत स्वीकार कर लिया.’’