‘‘स्टार प्लस’’ पर प्रसारित हो रहे सीरियल ‘‘सिया के राम’’ में लंकेश रावण के पिता का किरदार निभा रहे अभिनेता सुरेंद्र पाल को लोग पिछले 27 वर्षों से ‘‘महाभारत’’ के द्रोणाचार्य के रूप में पहचानते आए हैं. बौलीवुड व टीवी इंडस्ट्री में सुरेंद्र पाल की गिनती ऐसे कलाकारों में होती है, जो कि कभी विवादों में नहीं रहते और हर कलाकार व तकनीशियन की मदद के लिए तैयार रहते हैं. मगर उनके अपने ड्रायवर मोहन कुमार साव ने ही उन्हे तीस हजार रूपए का चूना लगा दिया.

सूत्रों के अनुसार सुरेंद्र पाल के सेंट्रल बैंक के डेबिट व क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर एटीएम से दस दस हजार कर तीन बार यानी कि कुल तीस हजार रूपए निकाले गए. जब यह घटना तीन बार घट गयी, तो सुरेंद्र पाल ने इसकी शिकायत 20 अगस्त को पुलिस व सायबर सेल से की. वर्सोवा पुलिस स्टेशन, मुंबई के पीएसआई अतुल सनप ने जांच पड़ताल शुरू की और इस चोरी के लिए सुरेंद्र पाल के 28 वर्षीय ड्रायवर मोहन कुमार साव को गिरफ्तार कर उसके पास से तीस हजार रूपए भी बरामद कर लिए.

मोहन कुमार साव पिछले साढ़े तीन वर्षों से सुरेंद्र पाल के साथ काम कर रहा था. मोहन कुमार साव ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि जब सुरेंद्र पाल खरीददारी किया करते थे, तो कई बार वह उनके साथ होता था. खरीददारी के बाद डेबिट कार्ड से भुगतान करते समय जब सुरेंद्र पाल अपने कार्ड का पिन नंबर मिलाते थे, तो वह पीछे खड़े रहकर वह नंबर देखता रहता था और उसे यह पिन नंबर याद हो गया था. एक दिन जब सुरेंद्र पाल गाड़ी में अपना सारा सामान उसके भरोसे छोड़कर हेल्थ क्लब चले गए, तो उसने सामान की तलाशी कर डेबिट कार्ड लेकर एटीएम से तीन बार पैसे निकाले. चौथी बार उसने कोशिश की, तो पता चला कि कार्ड ब्लाक हो गया. क्योंकि एक ही दिन एक ही एटीएम से इस कार्ड पर सिर्फ तीन बार ही रकम निकाली जा सकती थी. उसके बाद उसने वह डेबिट कार्ड यथास्थान रख दिया.

मगर मोहन कुमार यह भूल गया था कि एटीएम में लगे कैमरे में उसका चेहरा कैद हो चुका है, जिसकी मदद से पुलिस ने उसे पकड़ा. पुलिस ने मोहन कुमार को दफा 419, 420, 66(क) और 66(ड) के तहत गिरफ्तार किया. जब पुलिस ने मोहन कुमार को मेट्रोपोलीटीन मजिस्ट्रेट की अदालत में 23 अगस्त को पेश किया, तो जज ने उसे चार दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.