इधर महिलाओं की चिंता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुबले हुये जा रहे हैं, तो उधर पश्चिम बंगाल में एक भाजपा नेता श्यामपदा मण्डल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सरेआम हिजड़ा कहकर अपनी विकृत मानसिकता उजागर करने के साथ साथ यह भी जता दिया है कि दरअसल में पौराणिकवादी स्त्री अस्मिता का स्वांग भर करते हैं नहीं तो उनकी नजर में आज भी औरत दोयम दर्जे की होकर ढ़ोल, गंवार, शूद्र ,पशु वाली श्रेणी में होकर ताड़ना की ही अधिकारी है. मण्डल ने मिदनापुर में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग में साफ साफ कहा कि समझ में नहीं आता कि ममता बनर्जी आदमी हैं या औरत, वो तो हिजड़ा बन चुकी हैं, जैसा कि आप ट्रेनों और बसों में देखते हैं.

इस बयान को महज राजनैतिक खीज या भड़ास कहना या समझना श्यामपदा मण्डल जैसे पुरुषवादी नेता पर मेहरबानी ही होगी, नहीं तो वही बेहतर जानते और मानते हैं कि औरत को जुए की फड़ पर दांव पर लगाना और भरी सभा में उसका चीरहरण करना ही असल मर्दानगी है. मर्यादा की आड़ में उसके चरित्र पर शक करते उसकी अग्नि परीक्षा लेने से बड़ा पुरुषत्व कुछ और नहीं वह भी तब जब वह गर्भवती हो. हैरानी और तरस खाने वाली बात भाजपा आलाकमान, अमित शाह और नरेंद्र मोदी की चुप्पी है मानों उन्होंने कुछ सुना ही नहीं और अगर ऐसा कह भी दिया तो कहां का पहाड़ टूट पड़ा.

यह वही भाजपा है जिसने कभी सपा मुखिया मुलायम सिंह के बलात्कार संबंधी बयान पर आसमान सर पर उठा लिया था कि यह तो औरतों की बेइज्जती है. ममता बनर्जी को उनकी ही पार्टी के नेता ने जो इज्जत बख्शी उस पर ध्रतराष्ट्र की तरह आंखे बंद किए भाजपा बैठी है तो तय है वह बंगाल की शेरनी कही जाने वाली ममता बनर्जी का जादू और दबदबा तोड़ नहीं पा रही है, इसलिए इस तरह के घटिया और अश्लील बयानों से उनका मनोबल तोड़ने की तो कोशिश कर ही रही है साथ ही ममता समर्थकों को हिंसा के बाबत उकसा भी रही है.