फिल्म ‘लेडीज वर्सेज रिकी बहल’ से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाली परिणीति चोपड़ा ने हर फिल्म में अलगअलग भूमिका निभाई. उन की कुछ फिल्में चलीं तो कुछ नहीं, लेकिन उन्होंने अपना आत्मविश्वास हमेशा बनाए रखा. पहली फिल्म की सफलता के बाद परिणीति ने कई हिट फिल्में दीं, जिन में ‘इश्कजादे’, ‘शुद्ध देसी रोमांस’, ‘हंसी तो फंसी’ फिल्में शामिल हैं. परिणीति ने कई ब्रैंड भी ऐंडोर्स किए हैं. हाल ही में ‘न्यू व्हिस्पर अल्ट्रा’ के प्रमोशन पर वे अलग अंदाज में दिखीं. उन का ‘स्लिमट्रिम लुक’ सभी को हैरान कर गया.

इस मौके पर उन से हुई गुफ्तगू के कुछ अहम अंश इस तरह हैं:

क्या आप अल्ट्रागर्ल हैं.

मैं वाकई अल्ट्रागर्ल हूं. मल्टीटास्क करती हूं. सुपर टेलैंटेड भी हूं. यह ब्रैंड ऐंडोर्समैंट मुझ पर अब फिट बैठता है, क्योंकि हर लड़की महीने में 30 दिन काम करती है. वैसे में महीने के उन 5 दिनों (मासिकधर्म) में परेशान रहती हूं. इस कैंपेन से जुड़ कर मैं बताना चाहती हूं कि मासिकधर्म नैचुरल है. यह कोई समस्या नहीं, पर सोसायटी प्रैशर डालती है कि इस समय यह न करो, वह न करो. मैं तो उन 5 दिनों में शूटिंग भी करती हूं. कई टैबूज इस के साथ जुड़े हैं, जिन्हें मैं हटाना चाहती हूं. बचपन में जब कई बार मेरी दादी मुझे कुछ करने से मना करती थीं, तो मैं गुस्सा हो जाती थी. मैं चाहती हूं कि हर कोई इस बारे में खुल कर बात करे. भाई, पति, पिता आदि किसी के भी साथ बात करने में किसी भी लड़की को कोई संकोच नहीं होना चाहिए. अच्छे ब्रैंड का सैनिटरी पैड प्रयोग करने से कोई परेशानी नहीं होती है.

स्लिमट्रिम होने की प्रेरणा किस से मिली.इस के लिए क्याक्या वर्कआउट करती हैं.

इस के लिए किसी प्रेरणा की जरूरत नहीं. ऐक्ट्रैस बनने से पहले ही वजन कम करना चाहती थी, पर आलसी होने की वजह से कुछ करती नहीं थी. हमेशा लगता था कि जरूरत नहीं, छोड़ो. फिर काम में लग जाती. इस तरह समय बीतता गया.अब जब थोड़ा समय मिला तो लगा कि मैं अब कुछ कर सकती हूं. मैं ने किया और परिणाम सामने है. अब मैं बहुत खुश हूं. अपने हिसाब से कुछ भी पहन सकती हूं. स्क्रीन पर जैसा दिखना चाहूं दिख सकती हूं. बहुत सारी चीजें अब मैं कर सकती हूं. स् लिमट्रिम होने में मुझे करीब 1 साल लगा. मैं मार्शल आर्ट करती हूं, डाइट का खयाल रखती हूं, गहरी नींद सोती हूं, कलरीपायतू करती हूं.

वजन कम होने के बाद उसे मैंटेन रखने के लिए क्या करती हैं.

वजन मैंटेन करना, वजन कम करने से ज्यादा मुश्किल है. मैं नियमित व्यायाम करती हूं, संतुलित भोजन लेती हूं. मुझे खाने का शौक हमेशा रहा है. मैं आधी रात को भी उठ कर पिज्जा खाती थी, पर अब ऐसा नहीं करती. मेरा कोई जिम ट्रेनर नहीं है. एक लड़की थी जो कलरीपायतू करवाती थी. मैं उस की क्लासेज लेती थी.

फिटनैस के लिए महिलाओं को क्या संदेश देना चाहती हैं

आजकल ज्यादातर महिलाएं कम उम्र में ही ओवरवेट हो जाती हैं. अत: मेरा उन से कहना है कि हमेशा फिटनैस के लिए अपनेआप को मोटिवेट करें. यही वह समय है जब आप फिटनैस पर ध्यान दे सकती हैं, क्योंकि एक उम्र के बाद हारमोनल बदलाव या अन्य वजहों से वजन बढ़ता है, तो उसे घटाना काफी मुश्किल होता है. हमेशा आत्मविश्वास बनाए रखें, खुश रहने की कोशिश करें.

आप के जीवन का बैस्ट कौंप्लिमैंट क्या है

वैसे तो कई हैं, पर जब पहली फिल्म की रिलीज के बाद करण जौहर ने मैसेज कर मेरे अभिनय की तारीफ की थी, तो वह मेरे लिए बहुत बड़ा कौंप्लिमैंट था.

खुश रहने का मंत्र क्या है

खुश रहना बहुत जरूरी है. उदासी तो लाइफ में आती ही रहती है. हमेशा वह काम करें जिसे करने पर आप को खुशी मिले. उन लोगों से मिलें, बातचीत करें, जो आप को खुशी दें.