बचपन से ही बच्चों को अच्छी आदतें और व्यवहार सिखाना जरूरी है. कच्ची उम्र में बच्चे जो सीखते हैं वह आगे चल कर उन की दिनचर्या व व्यवहार का हिस्सा बन जाता है.

साफसफाई की आदत

शेमरौक प्रीस्कूल की ऐग्जीक्यूटिव डायरैक्टर एवं शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल की फाउंडर डायरैक्टर मीनल अरोड़ा कहती हैं कि बच्चों में व्यक्तिगत स्तर पर साफसफाई की आदत डालने की कम उम्र से ही शुरूआत करने की जरूरत होती है. बचपन से ही बच्चों में निम्न आदतें डाल कर आप उन्हें साफसफाई के प्रति सजग बना सकती हैं:

– बच्चे के दिन की शुरुआत हाथमुंह धोने से कराएं.

– उसे अपने दांत 2 से 3 मिनट तक सही ढंग से साफ करने को कहें ताकि उस के दांत कैविटी मुक्त रहें. दिन में 2 बार ब्रश करने को आदत बनाएं.

– हर भोजन से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोने की आदत डालें.

– बच्चे को अपने नाखून छोटे रखने को कहें, क्योंकि बड़े नाखूनों में गंदगी जमा हो जाती है, जिस से संक्रमण का खतरा रहता है.

– खांसते या छींकते समय टिशू पेपर या रूमाल मुंह या नाक पर रखना सिखाएं.

– धुले और प्रैस किए गए कपड़े पहनने को कहें.

– कूड़ा हमेशा कूड़ेदान में ही डालने की आदत डालें.

– बतौर जिम्मेदार अभिभावक बच्चे को समझाएं कि खुद को साफसुथरा रखने के साथसाथ अपने घर, महल्ले और पासपड़ोस को भी साफ रखना चाहिए.

– बच्चे को अपनी चीजें जैसे खिलौने, किताबें आदि सही जगह रखने की शिक्षा दें.

– उंगली, पैंसिल, पैन, रबड़ जैसी चीजों को नाक या मुंह में न डालने की शिक्षा दें.

– बच्चें को सिखाएं कि वह सड़कों पर कूड़ाकचरा न डालें. बाहर जाते समय साथ एक पेपर बैग ले जाने को कहें ताकि कचरा कहीं खुले में न डालना पड़े.

घर से करें शुरुआत

कई बच्चों को नैपकिन व नाइफ का इस्तेमाल करना नहीं आता, तो कुछ को खाना खाते वक्त जोर से आवाज करने की आदत होती है. पेरैंट्स होने के नाते आप को अपने बच्चों को रेस्तरां, सामाजिक आयोजनों में ले जाने से पहले टेबल पर बैठने और खाने के तरीकों के बारे में सिखाना चाहिए. नन्हे बच्चों में टेबल मैनर्स और खाने के शिष्टाचार सिखाने की शुरुआत घर से ही करनी चाहिए.

टेबल मैनर्स का प्रयोग बच्चे घर से बाहर कर सकें, इस के लिए उन्हें पहले घर पर प्रैक्टिस कराएं. अगर बच्चे रेस्तरां में या किसी के घर पर खाने की टेबल पर कोई गलती कर रहे हैं, तो उन्हें वहां डांटें या उन पर चीखेंचिल्लाएं नहीं, घर आ कर आराम से प्यार से समझाएं.

शुरू में ऐसे रेस्तरां में ले जाएं जहां बहुत ज्यादा भीड़ न हो ताकि वे आप के द्वारा सिखाए गए टेबल मैनर्स पर सहजता से अमल कर सकें. अगर आप के बच्चे टेबल मैनर्स का पालन करते हैं, तो उन की तारीफ करें ताकि वे आगे भी इन नियमों का पालन करें. बचपन से बच्चों को मैनर्स सिखाना बहुत जरूरी है, क्योंकि जैसेजैसे बच्चे बड़े होंगे, सोशल गैटटुगैदर में ये मैनर्स उन्हें आत्मविश्वास दिलाएंगे.

जरूरी टेबल मैनर्स

– बच्चों को सिखाएं कि किस तरह उन्हें छोटेछोटे टुकड़े तोड़ कर, खाने को अच्छी तरह चबा कर और मुंह बंद कर के खाना खाना है. साथ ही यह भी सिखाएं कि पानी पीते व भोजन करते समय अनावश्यक आवाज न करें. ऐसी आदत भी डालें कि प्लेट में उतना ही खाना लें जितना खा सकें या पहले थोड़ा ही लें. जरूरत हो तो बाद में ले लें ताकि खाने को बरबाद होने से बचाया जा सके.

– खाना खाते समय किस बरतन में क्या खाना है, इस की जानकारी भी छोटी उम्र से ही दें जैसे सूप के लिए बड़े चम्मच और डैजर्ट के लिए छोटे चम्मच. इसी तरह ग्रेवी वाली डिश के लिए कटोरी का इस्तेमाल करना सिखाएं.

– बच्चों को यह भी सिखाएं कि अगर उन्हें खाने की कोईर् चीज टेस्टी लगती है, तो उन्हें उसे बनाने वाले की तारीफ कैसे करनी चाहिए, साथ ही अगर कोई चीज अच्छी न लगे तो किस तरह विनम्रतापूर्वक यह बताना कि उन्हें वह डिश पसंद नहीं आई.

– बच्चों को बताएं कि अपने घर में भी और किसी और के घर में भी खाना खाने के बाद अपनी प्लेट खुद उठा कर सिंक में रखें.

– किसी भी रैस्टोरैंट में जाने पर बच्चों को नैपकिन का इस्तेमाल करना सिखाएं. नैपकिन का यूज मुंह या हाथ पोंछने के लिए ही करें.

– बच्चों को टेबल पर बैठने के मैनर्स भी सिखाएं. उन्हें बताएं कि हाथों को टेबल पर रखें. उन्हें यह भी बताएं कि खाना खाते वक्त उन के हाथों की पोजिशन ऐसी हो कि साथ बैठे लोगों को दिक्कत न आए.

– उन्हें बताएं कि खाना खाते समय बातें न करें. यह भी सिखाएं कि भोजन करते समय नाइफ को राइट और फौर्क को लैफ्ट हैंड से पकड़ें. खाना खत्म होने के बाद पानी के गिलास में हाथ न धोएं और अगर वे खाना खा चुके हों तब भी तुरंत टेबल से न उठें. सब के भोजन समाप्त होने का इंतजार करें.

– अपने घर पर ही शुरू से ही अलगअलग तरह की कटलरी का प्रयोग करना सिखाएं. बच्चों को प्लेट से भोजन को चम्मच से मुंह के पास ला कर खाने को कहें. उन्हें बताएं कि अगर डाइनिंग टेबल पर उन्हें कोई डिश चाहिए तो पास बैठे व्यक्ति से डिश पास करने को कह दें न कि टेबल की दूसरी ओर हाथ बढ़ा कर खुद लेने की कोशिश करें.

सिखाएं टेबल मैनर्स

बच्चों को किसी पब्लिक प्लेस पर ले जाना किसी मुसीबत से कम नहीं होता खास कर तब जब वे शरारती हों. कई बार तो बच्चे बाहर जा कर खाने की टेबल पर इतना आतंक मचाते हैं कि औरों के सामने आप को शर्मिंदा होना पड़ता है. कुछ बच्चे खाना खाते समय एक जगह टिक कर नहीं बैठते, इधरउधर भागते रहते हैं. क्रौकरी के साथ छेड़छाड़ करते रहते हैं. कभी टेबल पर पानी गिरा देते हैं तो कभी खाना, जिस से मेजबानों को बहुत परेशानी होती है. इसलिए कम उम्र से ही बच्चों को टेबल मैनर्स सिखाएं ताकि घर या बाहर आप को शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े.