अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निहायत ही उद्दंड और विलासी व्यक्ति हैं, यह ज्यादा गौर करने लायक बात नहीं थी, इसलिए अमेरिकी वोटर ने उन्हें चुना. लेकिन चुनने के बाद उन की मनमानी पर नकेल कसने के लिए अमेरिकियों सड़कों पर आने से परहेज भी नहीं किया. झल्लाएबौखलाए ट्रंप को आखिरकार कहना ही पड़ा कि जब राष्ट्रपति नहीं बनाना था तो मुझे वोट ही क्यों दिया.

लोकतंत्र में वाकई जनता ही सर्वोपरि होती है बशर्ते वह अमेरिकियों जितनी शिक्षित और जागरूक हो, जो चुनने के बाद भी शासक को नियंत्रित रखने के गुर जानती है. अब होगा यह कि जब भी डोनाल्ड ट्रंप बेकाबू और बेलगाम होंगे तबतब उन्हें ऐसे ही विरोधप्रदर्शनों का सामना करना पड़ेगा और जनता उन्हें सधा व वैसा शासक बना कर रहेगी जैसा कि वह चाहती है.