सरिता विशेष

अपनी मौजूदा कामयाबी की शुरुआत के पहले की कहानी बताते हुए अली फजल कहते हैं, ‘‘बचपन से ही मुझे अभिनय का शौक रहा है. स्कूल की पढ़ाई के साथ ही मैं थिएटर करने लगा था. मैं ने कालेज पहुंचते ही विज्ञापन फिल्में करनी शुरू कर दी थीं. जब मैं कालेज में पढ़ाई कर रहा था, तब मैं ने पहली बार फिल्म में अभिनय किया था. जब राज कुमार हिरानी फिल्म ‘थ्री इडिएट्स’ का निर्देशन करने जा रहे थे, तभी उन्होंने मेरा एक नाटक देखा और फिर उन्होंने मुझे फिल्म ‘थ्री इडिएट्स’ में लोबो का किरदार निभाने का मौका दिया. फिल्म ‘थ्री इडिएट्स’ में छोटी सी भूमिका करने के बाद धीरेधीरे अच्छे किरदार मिले, फिर हीरो बन गया. फिर हौलीवुड फिल्म ‘फास्ट ऐंड फ्यूरियस 7’ और ‘विक्टोरिया ऐंड अब्दुल’ से कैरियर सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. कुछ फिल्मों में लीड रोल कर रहा हूं.’’ हालांकि हौलीवुड फिल्मों में सक्रिय अली बौलीवुड को ही अपना घर व कर्मभूमि मानते हैं.

अपने अगले प्रोजैक्ट को ले कर अली बताते हैं, ‘‘करण अंशुमान के निर्देशन में एक वैब सीरीज ‘मिर्जापुर’ कर रहा हूं, जिस में मेरे साथ रसिका दुग्गल व विक्रांत मैसे हैं. इस वैब सीरीज का निर्माण फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी कर रहे हैं. फिल्म की कहानी उत्तर भारत के ग्रामीण इलाके की पृष्ठभूमि पर है. इस में मैं उत्तर भारत के गैंगस्टर का किरदार निभा रहा हूं. इस की ज्यादातर शूटिंग मिर्जापुर में हुई है. कुछ हिस्सा मुंबई में फिल्माया जा रहा है. जल्दी ही यह फिल्म पूरी हो जाएगी. इस के अलावा आनंद एल राय की 2016 में आई फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी’ की सीक्वल ‘हैप्पी भाग जाएगी रिटर्न’ कर रहा हूं.’’

वैब सीरीज के बढ़ते चलन को ले कर वे कहते हैं, ‘‘वैब सीरीज को नजरअंदाज नहीं कर सकते. यह तूफान है, जो तेजी से आगे बढ़ रहा है. हर वैब सीरीज में सैक्स ही परोसा जा रहा है. पर वैब सीरीज में मिश्रित कंटैंट ही दिखेंगे. मैं ने पहले भी यशराज फिल्मस की एक वैब सीरीज ‘बैंड बाजा बरात’ समेत कई शौर्ट फिल्में की हैं.’’

अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को ले कर अली बताते हैं, ‘‘निजी जिंदगी को ले कर चर्चा करना पसंद नहीं करता. पर मैं अपने किसी रिश्ते को छिपाने में भी यकीन नहीं करता. रिचा चड्ढा से हमारी दोस्ती है, जो समय के साथ पक्की होती चली गई. लोगों के लिए इसे प्यार का नाम देना बड़ा आसान है. प्यार का अर्थ होता है एकदूसरे में खो जाना. हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम कहीं न कहीं उस के करीब पहुंच रहे हैं. हमारे बीच जो भी रिश्ता है, उस को ले कर हम काफी खुश हैं.’’

अपनी फिटनैस को ले कर उन का मानना है, ‘‘मैं नियमितरूप से ‘किक बौक्ंसग’ करता हूं. किक बौक्ंसग मुझे शारीरिक और मानसिकरूप से चुस्तदुरुस्त रखती है. इस के अलावा मेरी सुबह उठने की आदत है. सुबह 6 बजे उठ कर बौक्ंिसग की कोचिंग लेता हूं. मेरी राय में सुबहसुबह जो वर्कआउट किया जाता है, वही शरीर व सेहत के लिए सही होता है.’’