वर्ष 2015 का गणतंत्र दिवस कई मानों में खास था. पहला, एनडीए सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी की अगुआई में मनाया गया, दूसरा, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र परेड में बहैसियत मुख्य अतिथि शामिल हुए और तीसरे, राजपथ पर बस्तर के दशहरे की झांकी का प्रदर्शन किया गया. बस्तर और वहां के आदिवासी सभी के लिए हमेशा ही जिज्ञासा का विषय रहे हैं. वजह, उन का मुख्यधारा से कटे होना है. मुख्यधारा, रोशनी और विकास सहित तमाम सामयिक विषयों व प्रसंगों से मुंह मोड़े बस्तर के आदिवासी आज भी अपनी जीवनशैली, तीजत्योहारों और परंपराओं में बंधे हैं. जिसे लोग आधुनिकता कहते हैं वह बस्तर की सीमाएं छू कर वहीं ठहर सी जाती है.

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