पहले के जमाने में लोग पत्र लिखा करते थे एक दूसरे को और पत्र के माध्यम से ही सूचनाओं का  आदान प्रदान होता था. लेकिन पत्र लिखने की हमारी इन आदतों को इमेल ने हमसे छीन लिया है. इमेल हमारी जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा भी बन गए हैं. खासतौर पर औफिशियल प्रयोग में यह महत्वपूर्ण टूल है. ईमेल लिखने के तरीके से रिसीवर के दिमाग में हमारी एक छवि बन जाती है. इसी के साथ एक आम मेल और अच्छे फौर्मेट में लिखे हुए मेल में बहुत अंतर होता है. अगर आपके काम में भी ईमेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तो कुछ ऐसी आदतें हैं जिसको बदलना बहुत जरुरी है.

आज हम आपको ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें बदलकर आप बेहतर तरीके से ईमेल को भेज पाएंगे

जरुरी इमेल का हमेशा करें रिप्लाई

आपको कैसा लगेगा अगर आप किसी से कुछ पूछें और आपको उसका रिप्लाई ना मिले. ठीक इसी तरह अगर आपको कोई मेल आया है जिसको एकनौलेज करना जरुरी है, तो समय निकलकर उसका रिप्लाई जरुर करें. इससे रिसीवर को यह सन्देश भी जाएगा की आप उसकी बात पर गौर कर रहे हैं.

मेल में सब्जेक्ट कौलम को खाली न छोड़ें

हम में से कई लोग मेल तो अच्छे लिखते हैं लेकिन सब्जेक्ट के कौलम को खाली छोड़ देते हैं. इससे रिसीवर को पता ही नहीं चलता की अपने मेल किस बारे में लिखा है. इस तरह के मेल्स कई बार इग्नोर भी हो जाते हैं या उन्हें स्पैम समझ कर डिलीट भी कर दिया जाता है.

मेल को रखें एरर फ्री

कोशिश करें की ईमेल कोे भेजने से पहले एक बार आप चेक करले की सबकुछ ठीक है या कहीं कोई गलती तो नही.. ईमेल में की कई गलतियां आपके आने वाले अवसर को खराब भी कर सकतीं हैं. आपके द्वारा लिखा गया मेल रिसीवर के लिए आपकी छवि है. इसलिये अगर आप गलत या गलतियों से भरा मेल करेंगे तो यह आपकी छवि को खराब कर सकता है.

कैप्स में ना लिखें मेल

अपने मेल को कभी भी कैप्स में ना लिखें, सभी शब्दों के लिए कैप्सलौक का प्रयोग सामने वाले के सामने गलत सन्देश भेजता है. इससे पढ़ने वाले को यह अंदेशा लगता है की या तो आप गुस्से में हैं या नकारात्मक रुप से जवाब दे रहे हैं.

मेल में शार्ट लैग्वेज  का प्रयोग ना करें

ईमेल टेक्स्ट की तरह नहीं होते, टेस्टिंग करते समय जैसे आप LOL, BTW, इत्यादी सोशल मीडिया पर प्रयोग होने वाले शार्ट फार्म का प्रयोग ना करे. ईमेल टेक्स्ट के जरिये कम्यूनिकेशन का माध्यम जरुर है, लेकिन यह एक फौर्मल प्रोफेशनल कम्युनिकेशन माना जाता है.

Tags:
COMMENT