अगर आपके पास शाओमी का स्मार्टफोन है तो आपके लिए एक चौंकाने वाली खबर है. सैमसंग, शाओमी, एचटीसी और वन प्लस जैसे स्मार्टफोन कस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम देते हैं. जैसे शाओमी का MIUI ओएस, यह एंड्रॉयड पर बनाया गया मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है. इसे टेक्निकल टर्मिनॉलोजी में कस्टम रॉम भी कहा जा सकता है. इस कस्टम ओएस में कंपनी अपनी तरफ से कई ब्लॉटवेयर यानी प्री लोडेड ऐप देती है. इनमें से कुछ आप हटा सकते हैं लेकिन कुछ ऐप्स को आप चाह कर भी नहीं हटा सकते.
एक ऐसा ऐप जिसके जरिए हैकर्स आपके मोबाइल तक पहुंच सकते हैं
नीदरलैंड्स के एक कंप्यूटर साइंस के छात्र और सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने अपने Xiaomi Mi4 स्मार्टफोन में कंपनी द्वारा दिए गए एप के पीछे के मकसद को जानने के लिए इसकी जांच शुरू की. उनके मुताबिक इस एप का नाम AnalyticsCore.apk है और ये स्मार्टफोन के बैकग्राउंड में पूरे दिन चलता है. इसे डिलीट करने के बाद फिर से दिखने लगता है. गौरतलब है कि चीनी स्मार्टफोन दिग्गज शाओमी पर पहले भी स्मार्टफोन के साथ मैलेवयर इंस्टॉल करने के आरोप लगे हैं और कंपनी की आलोचना भी हुई है.
कंपनी ने भी इस ऐप के बारे में कुछ नहीं बताया है
कंपनी के सपोर्ट फॉरम पर जब उस छात्र ने AnalyticsCore के बारे में पूछा तो इसके बारे में उन्हे कोई जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने पाया कि इस यह एप हर 24 घंटे में कंपनी के आधिकारिक सर्वर से नए अपडेट के लिए कनेक्ट होता है. सर्वर से कनेक्ट हो कर यह ऐप स्मार्टफोन की आईडेंटिफिकेशन इनफॉर्मेशन कंपनी के सर्वर तक भेजता है. इसमें IMEI, मॉडल नंबर, मैक अड्रेस, पैकेज नेम और सिग्नेचर जैसी गंभीर जानकारियां शामिल होती हैं. नए अपडेट मिलने के साथ ही Analytics.apk नाम का यह ऐप स्मार्टफोन में खुद डाउनलोड हो जाता है इसके लिए उसे आपकी इजाजत की जरूरत नहीं होती.
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