इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी (आईडीएफसी) ने एक लॉन्च इवेंट में आईडीएफसी आधार पे ऐप को लॉन्च किया. इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी (आईडीएफसी) को अप्रैल 2014 में बैकिंग लाइसेंस दिया गया था. खबरों के अनुसार माना जा रहा है कि यह भारत में पहला आधार से जुड़ा कैशलेस मर्चेंट सॉल्यूशन है. इस एंड्रॉयड ऐप की मदद से ग्राहक दुकानदारों को किसी भी राशि का भुगतान कर सकते हैं. लॉन्च किए जाने से पहले 16 राज्यों के 1500 मर्चेंट द्वारा ऐप का इस्तेमाल कर लिया गया है.

आईडीएफसी आधार पे ऐप को आईडीएफसी बैंक द्वारा बनाया गया है. इसमें बैंक को नीति आयोग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, यूआईडीएआई और एनपीसीआई की मदद मिली है. यह अभी सिर्फ उन दुकानदारों के लिए उपलब्ध कराया गया जिन्होंने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की है.

बैंक की रिपोर्ट में इस सेवा से जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है. आईडीएफसी आधार पे ऐप को का लाभ लेने के लिए, एक एसएमएस लिंक की मदद से दुकानदार किसी भी स्मार्टफोन पर ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. इसके बाद फोन को एसटीक्यूसी द्वारा सर्टिफाइड आधार बायोमैट्रिक रीडर से जोड़ने की जरूरत पड़ेगी.

पेमेंट करने के लिए ग्राहकों को अपने बैंक का नाम चुनना होगा. इसके बाद मर्चेंट के फोन में अपना आधार नंबर लिखना होगा. इसके बाद ग्राहक के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. ट्रांजेक्शन के लिए ग्राहक के पास स्मार्टफोन होना जरूरी नहीं है. इस तरह से यह ऐप ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा कारगर साबित होगा.

ग्राहकों को डेबिट या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने की जरूरत भी नहीं है. जो लोग डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने में असुरक्षा महसूस करते हैं उनके लिए यह कारगर साबित होगा. और ना ही मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करना जरूरी है. कैशलेस ट्रांजेक्शन बिना मोबाइल के भी संभव होगा. यह ऐप पासवर्ड याद रखने की परेशानी से भी छुटकारा दिलाता है.

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