गूगल के पास स्मार्टफोन के लिए एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम है, साथ ही क्रोम ओएस भी मौजूद है. लेकिन सर्च इंजन अब एक और ओएस तैयार करने में लगा है. गूगल फ्यूशिया नाम के ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम कर रहा है. बहरहाल अभी नए ओएस के फंक्शन के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. यह किसी भी डिवाइस पर वर्चुअली काम कर सकता है.
इस ऑपरेटिंग सिस्टम को तैयार करने के लिए गूगल ने एक अलग रास्ता अख्तियार किया है. नए ओएस में एंड्रॉयड और क्रोम ओएस की तरह लिनक्स का उपयोग करने के बजाय मैजेंटा कर्नेल आधारित है. यह एम्बेडेड सिस्टम में इस्तेमाल किए जाने वाले "LittleKernel" प्रोजेक्ट पर आधारित है. इसका मतलब है कि ऑपरेटिंग सिस्टम इंटरनेट से जुड़ी डिवाइस पर रन के लिए है.
इसके अलावा, दो इंजीनियर क्रिस्टोफर एंडरसन और ब्रायन स्वेटलैंड एम्बेडेड सिस्टम के प्रोजेक्ट नेक्सस क्यू और एंड्रॉयड टीवी में विशेषज्ञों के रूप में शामिल है.
ये भी हैं अटकलें
एंड्रॉयड पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक नए ऑपरेटिंग सिस्टम के बेस के तीन हिस्से हैं. पहले प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जिसको डार्ट कहा जाता है, दूसरा यूजर इंटरफेस जिसको फ्यूटर कहा जाता है और तीसरा हिस्सा Escher है जो लाइट इनफ्यूजन और शेड्स में मदद करता है. Escher काफी सारे एनिमेशन काम करता है.
अभी गूगल ने फ्यूशिया के कोड को अपने खुद की कोड लाइब्ररी और GitHub पर होस्ट किया है. किसी भी लाइब्ररी के रीडमी दस्तावेजों में फीचर्स के बारे में पर्याप्त विवरण नहीं दिया गया है. अटकलें लगाई है कि इससे अंत में एंड्रॉयड और क्रोम ओएस में विलय किया जा सकता है.
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