पिछले कई महीनों से फेसबुक के डाटा लीक हो रहे हैं और हर बार फेसबुक अपनी इस गलती के लिए माफी मांग लेता है और उसमें सुधार करने का आश्वासन देता है. लेकिन इसके बावजूद फेसबुक यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर फेसबुक की तरफ से किसी भी तरह की गंभीरता नजर नहीं आ रही है. अब एक हिन्दी समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक एक बार फिर से करीब 81,000 यूजर्स के निजी मैसेज में सेंध लगी है और हैकर्स ने इन अकाउंट्स का इस्तेमाल विज्ञापन के लिए किया है. रिपोर्ट की मानें तो आपके मैसेज को बाजार तक पहुंचाया गया है और साथ ही उसमें कई सारे बदलाव भी किए गए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक हैकर्स के 120 मिलियन फेसबुक यूजर्स का निजी डाटा है और वह 0.10 डालर यानि करीब 7.29 रुपये प्रति अकाउंट बेचने की सोच रहा है. वहीं फेसबुक का दावा है कि किसी प्रकार का डाटा लीक नहीं हुआ है और यह रिपोर्ट निराधार है, हालांकि फेसबुक ने यह जरूर माना है कि फेसबुक यूजर्स का निजी डाटा वायरस वाले एक्सटेंशन के जरिए हैकर्स तक पहुंचा है.

फेसबुक ने एक्सटेंशन का नाम बताए बिना कहा है कि ऐसे एक्सटेंशन के जरिए हैकर्स यूजर्स की गतिविधियों पर नजर रखते हैं. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि फेसबुक हैक हुआ है. फेसबुक के इस डाटा लीक का खुलासा सितंबर में ही हुआ था जब FBSaler नाम से एक विज्ञापन जारी हुआ.

रिपोर्ट में कहा गया है कि हैक हुए अकाउंट्स में अधिकतर अकाउंट यूक्रेन और रूस के हैं. इसके अलावा हैक होने वाले अकाउंट्स में अमेरिका, ब्रिटेन और ब्राजील के लोगों के भी अकाउंट शामिल हैं. डाटा लीक के बाद औनलाइन एक विज्ञापन भी दिया गया है जिसमें कहा गया है कि एक यूजर्स के पूरे मैसेज का एक्सेस सिर्फ 0.10 डालर यानि करीब 7.29 रुपये में दिया जाएगा. इनमें से सैंपल के लिए 81,000 लोगों के मैसेज को सार्वजनिक भी कर दिया गया है. हालांकि इस विज्ञापन को अब हटा लिया गया है.

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