Artificial Intelligence: आज के समय लगभग हर हाथ में मोबाईल है और हर मोबाइल एआई से लैस है. किसी को रात में नींद नहीं आती तो वह इसका हल अपने एआई से पूछ लेता है. किसी का पार्टनर नाराज है तो एआई उसे मनाने के तरीके भी बता रहा है और लोग एआई की बात को मान भी रहें हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है की अब परम्पराएं, रिवाज़ और सुनी सुनाई बातों पर आस्था टूट रही है. पहले जो माँ बाप ने कह दिया, गुरुओं ने बोल दिया या बुजुर्गों ने बता दिया लोग उन्ही बातों को सच मानते थे लेकिन एआई ने इन सभी बातों को पीछे धकेल दिया है. एआई सिर्फ ओथेन्टिक जानकारी ही नहीं दे रहा बल्कि वह साइंटिफिक एप्रोच भी दे रहा है जिससे रूढ़िवादी मानसिकता तेजी खत्म हो रही हैं.
22 साल की अमीषा के पीरियडस् तय समय पर नहीं हुए तो उसे चिंता होने लगी. वह यह बात माँ को बता नहीं सकती थी. उसने अपनी सहेली आयेशा से बात की. आयेशा की उम्र 32 साल थी इसलिए अमीषा को लगा की वह बिलकुल सही सलाह देगी. आयेशा ने फोन पर अमीषा को इतना डरा दिया की उसे रात भर नींद नहीं आई. उसे प्रेगनेंसी का डर हो गया. आयेशा ने कहा कि वह नजदीक के एक बाबा से देसी जड़ी बूटी लाकर उसे देगी जिससे बच्चा गिर जाएगा.
अमीषा बरेली के एक छोटे कस्बे में रहती थी जहाँ इस तरह की बातों को परिवार के लोग बर्दाश्त नहीं कर सकते थे. अमीषा ने अपने बॉयफ्रेंड राकेश से यह बात बताई तो अचानक उसका बर्ताव ही बदल गया. राकेश ने कहा- “अमीषा- तुम जानती हो की मैं ऊँचे खानदान से हूँ और हम दोनों तो मिले भी बहुत कम हैं. तुम किसी और की गलती मेरे मत्थे मढ़ने की कोशिश कर रही हो मैं इतना बड़ा बेवकूफ नहीं हूँ. आज के बाद मुझे कॉल मत करना” राकेश के इस व्यवहार से अमीषा को झटका लगा उसकी तबियत ख़राब हो गई और उसने खूब सारी उल्टियां कर दीं.
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