Cousin Marriage Effects: तुर्की के उलास गांव में एक परिवार है जिसके 5 सदस्य सीधे खड़े होकर नहीं चलते. ये लोग जमीन पर हाथ और पैर दोनों टिकाकर चलते हैं. कई हॉस्पिटल में इलाज के बाद डॉक्टर्स इस परिवार कि समस्या को समझ नहीं पाए थे. लोगों ने इसे अल्लाह का अजाब मान लिया था. BBC ने साल 2006 में इस परिवार पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी तब से यह परिवार पूरी दुनिया में चर्चा में आया था. साइंटिस्टों ने इस परिवार पर लगातार शोध किये जिससे पता चला कि ये कोई चमत्कार या अभिशाप नहीं है बल्कि ये प्योर जेनेटिक्स का मामला है.
इंसान दो पैर पर चलता है ये कोई भगवान का दिया हुआ फिक्स डिजाइन नहीं है बल्कि यह लाखों साल के इवोल्यूशन का नतीजा है. लाखों सालों में हमने दो पैरों पर चलना सीखा है. अब अगर कोई चार पैरों पर चलता नजर आये तो हम चौंक जाते हैं. असल में तो यह चौकने का मामला नहीं जेनेटिक्स का मामला है. हर इंसान के शरीर की पूरी ब्लूप्रिंट हमारे DNA में लिखी होती है. कभी-कभी DNA कॉपी होते समय उसमें गलती आ जाती है. इसे म्युटेशन कहते हैं. ज्यादातर म्युटेशन छोटे होते हैं और उनका असर नहीं दिखता लेकिन कुछ म्युटेशन बड़े होते हैं जो शरीर के काम करने के तरीके को बदल देते हैं.
तुर्की के इस परिवार के किसी पुरखे के DNA में दिमाग के संतुलन और चलने से जुड़े जीन में खराबी आ गई थी. अकेले उस खराबी से दिक्कत नहीं होती क्योंकि दूसरा पार्टनर अगर सही जीन दे दे तो वो बैलेंस हो जाता है. दिक्कत तब आती है जब खून के रिश्तेदार आपस में शादी कर लें. इसे इनब्रीडिंग कहते हैं. इस परिवार में भी ऐसा ही हुआ. पति-पत्नी दोनों के पास वो एक जैसी खराब जीन थी क्योंकि दोनों के दादा दादी एक ही थे यानी दोनों पति पत्नी आपस में कजन थे. जब दोनों की खराब जीन बच्चे में गईं तो बच्चे का वो हिस्सा ठीक से बना ही नहीं. दिमाग का सेरिबेलम वाला हिस्सा ठीक से डेवलप नहीं हुआ. सेरिबेलम ही शरीर का बैलेंस संभालता है. बैलेंस न बन पाने की वजह से ये लोग बचपन से ही दो पैर पर चलना सीख नहीं पाए और चार पैर पर चलने लगे.
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